Kartik Purnima 2025: क्या है गंगा स्नान मुहूर्त? जानिए पूजा विधि, कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान क्यों शुभ माना जाता है?

कार्तिक पूर्णिमा 2025, 5 नवंबर को मनाई जाएगी। इस दिन भक्त गंगा स्नान, पूजा और दान कर ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। यह दिन भक्ति, पवित्रता और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है।

Manali Rastogi
पब्लिश्ड4 Nov 2025, 10:56 AM IST
Kartik Purnima 2025: क्या है गंगा स्नान मुहूर्त? जानिए पूजा विधि, कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान क्यों शुभ माना जाता है?
Kartik Purnima 2025: क्या है गंगा स्नान मुहूर्त? जानिए पूजा विधि, कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान क्यों शुभ माना जाता है?

हिंदू धर्म में पूर्णिमा का दिन बहुत पवित्र माना जाता है। कार्तिक महीने की पूर्णिमा को कार्तिक पूर्णिमा कहा जाता है। यह दिन कार्तिक मास के अंत और अगले महीने मार्गशीर्ष की शुरुआत का प्रतीक है।

हिंदू पंचांग के अनुसार, यह दिन आध्यात्मिक कार्यों जैसे गंगा स्नान, तुलसी पूजा, दान और दीपदान के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसी दिन देव दीपावली और गुरु नानक जयंती जैसे बड़े त्योहार भी मनाए जाते हैं। कार्तिक पूर्णिमा पर तुलसी विवाह के सभी अनुष्ठान पूरे हो जाते हैं।

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इस साल कार्तिक पूर्णिमा 2025, बुधवार 5 नवंबर 2025 को मनाई जाएगी। इस दिन देशभर में भक्त गंगा स्नान और अन्य धार्मिक कार्यों में भाग लेकर ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

तिथि और समय

कार्तिक पूर्णिमा की तारीख5 नवंबर 2025
पूर्णिमा तिथि शुरू4 नवंबर 2025 रात 10:36 बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त5 नवंबर 2025 रात 6:48 बजे
गंगा स्नान का शुभ मुहूर्तसुबह 4:52 से 5:44 बजे तक

इस समय में स्नान करने से अपार पुण्य मिलता है और पिछले जन्मों के पापों का नाश होता है।

कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान का महत्व

शास्त्रों में कहा गया है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा में स्नान करने से पूरे साल गंगा स्नान करने के बराबर फल मिलता है। यह स्नान आत्मा को पवित्र करता है और पापों को मिटा देता है। इस दिन लोग वाराणसी, हरिद्वार, प्रयागराज, ऋषिकेश जैसे तीर्थ स्थानों पर जाकर गंगा आरती, दान-पुण्य और दीपदान करते हैं।

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ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु स्वयं भक्तों को आशीर्वाद देते हैं और उन्हें सभी पापों से मुक्त करते हैं। इस दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों की पूजा करना, विष्णु सहस्रनाम, श्रीमद् भागवत गीता या सत्यनारायण कथा का पाठ करना बहुत शुभ होता है। “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप भी विशेष फलदायी माना जाता है।

कार्तिक पूर्णिमा पूजा विधि और नियम

  • ब्रह्म मुहूर्त में जल्दी उठकर गंगा स्नान या घर पर ही पवित्र स्नान करें।
  • स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें और तुलसी के पास दीप जलाएं।
  • भगवान विष्णु और शिव की पूजा करें, सत्यनारायण कथा करें।
  • दीपदान करें — मंदिरों या नदी किनारे दीप जलाना शुभ होता है।
  • दान-पुण्य करें — भोजन, वस्त्र या दीप दान का विशेष महत्व है।
  • उपवास रखने से विष्णु और शिव दोनों की कृपा प्राप्त होती है।
  • शाम को भजन, कीर्तन करें जिससे भक्ति का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।

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कार्तिक पूर्णिमा 2025 सिर्फ एक पूर्णिमा नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा पवित्र दिन है। इस दिन गंगा स्नान, पूजा-पाठ और दान करने से शांति, समृद्धि और पापों से मुक्ति प्राप्त होती है। यह दिन भक्ति, पवित्रता और ईश्वरीय कृपा का प्रतीक है।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)

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