
प्रिया सरोज ने बहुत कम समय में राजनीति में जो सफलता पाई है, उसकी वजह से उन्होंने कम समय में ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इसके साथ ही वह जल्द ही भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह से शादी करने वाली हैं, जिससे वह और भी चर्चा में हैं। तो चलिए जानते हैं कि आखिर रिंकू सिंह की होने वाली पत्नी प्रिया सरोज कितनी पढ़ी-लिखी हैं?
प्रिया सरोज का जन्म 23 नवंबर 1998 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के करखियांव गांव में हुआ था। उनका परिवार राजनीति में पहले से ही जाना-पहचाना है। उनके पिता तूफानी सरोज समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। वे तीन बार सांसद रह चुके हैं और अब केराकत विधानसभा सीट से विधायक हैं।
उनकी मां का नाम मुन्नी देवी है। परिवार में उनके एक भाई धनंजय सरोज और तीन बहनें हैं। बचपन से ही राजनीति के माहौल में रहने के बावजूद प्रिया का झुकाव शुरू में राजनीति की ओर नहीं था। लेकिन वे अपने पिता के चुनाव अभियानों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेती रहीं, जिससे उन्हें जमीनी राजनीति की समझ मिली।
प्रिया की शिक्षा यह दिखाती है कि वे सीखने और जनसेवा को लेकर कितनी समर्पित रही हैं:
कानून की पढ़ाई के बाद उन्होंने वकालत शुरू की, पहले हाईकोर्ट में और फिर सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस की। कोविड-19 महामारी के दौरान वे जज बनने की तैयारी कर रही थीं और ऑनलाइन क्लासेस ले रही थीं, लेकिन तभी उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत हो गई।
प्रिया सरोज ने राजनीति में तेज़ी से कदम बढ़ाया और अपनी पहचान बनाई:
इस जीत के साथ ही वे 25 साल की उम्र में सबसे युवा सांसद बन गईं और 2024 की लोकसभा में दूसरी सबसे कम उम्र की सांसद बनीं। कॉलेज के समय से ही वे समाजवादी विचारधारा की समर्थक रही हैं और कानून और समाजसेवा के क्षेत्रों में उनकी पहचान है।
अब जब प्रिया सरोज की सगाई भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह से हुई है, तो उनकी निजी ज़िंदगी भी सुर्खियों में आ गई है। रिंकू सिंह कोलकाता नाइट राइडर्स टीम से IPL में खेलते हैं। दोनों की मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड के जरिए हुई थी। दोनों परिवारों ने इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया है और अब यह जोड़ी ‘राजनीति और खेल’ का एक खास मेल मानी जा रही है।
प्रिया सरोज ने क़ानून के क्षेत्र से राजनीति तक का सफर बहुत कम उम्र में तय किया और आज वे देश की सबसे युवा सांसदों में से एक हैं। उनकी रिंकू सिंह से शादी ने उन्हें राजनीतिक और खेल दोनों दुनिया में लोकप्रिय बना दिया है। आने वाले समय में वे अपने क्षेत्र और समाजवादी पार्टी के भविष्य निर्माण में अहम भूमिका निभा सकती हैं।