
आमतौर पर सर्दी के मौसम में लोग अमरूद को ऐसे ही खाना पसंद करते हैं। मगर क्या होगा अगर आपसे ये कहा जाए कि इसे भूनकर खाने से ये सेहत के लिए और भी ज्यादा फायदेमंद हो जाता है? जी हां, ये बात 100 प्रतिशत सच है।
बता दें कि अमरूद को एक सुपरफ़ूड माना जाता है क्योंकि इसमें बहुत ही अच्छी मात्रा में विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं। साथ ही इसमें लाइकोपीन और फ्लेवोनॉयड्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं, जोकि ऑवरऑल हेल्थ के लिए फायदेमंद होते हैं।
भुना हुआ अमरूद स्वाद में लाजवाब तो होता है, लेकिन साथ में स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। इसे हल्की आंच पर भूनने से इसका स्वाद और सुगंध बढ़ जाती है, साथ ही यह पेट के लिए और भी हल्का हो जाता है। कई लोग सर्दी के मौसम में इसे खास तौर पर खाना पसंद करते हैं क्योंकि यह शरीर को गर्माहट देता है और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। इसे खाना आसान है और किसी भी समय हल्के स्नैक के रूप में खाया जा सकता है।
भुने हुए अमरूद में विटामिन C, फाइबर, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह न सिर्फ पाचन सुधारने में मदद करता है, बल्कि वजन नियंत्रण, स्किन हेल्थ और इम्युनिटी को भी मजबूत बनाता है। इसी क्रम में आयुर्वेदिक डॉक्टर रविंद्र कौशिक ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट करके भुने अमरूद को खाने के जबरदस्त फायदों के बारे में बात की है।
डॉ. रविंद्र कौशिक ने पोस्ट में कहा कि ज्यादातर लोग अमरूद को कच्चा खाते हैं, लेकिन प्राचीन आयुर्वेद में इसका एक गुप्त रूप भी बताया गया है और वो है भुना हुआ अमरूद। यह एक तरह की छोटी-सी दवा है, जो कुछ ही मिनटों में आपकी पाचन शक्ति, गला, मेटाबॉलिज़्म और शुगर नियंत्रण में मदद करती है।
जब आप अमरूद को भूनते हैं, तो आप सिर्फ उसे पकाते नहीं, बल्कि उसके गुण बदल देते हैं। यह पाचन अग्नि को सक्रिय करता है और शरीर इसे जल्दी एब्जॉर्ब कर लेता है। इसके साथ उन्होंने भुने अमरूद को खाने के फायदे भी बताए।
कच्चे अमरूद में फाइबर ज्यादा होता है, जो कभी-कभी पेट को और ढीला कर सकता है। लेकिन जब आप अमरूद को भूनते हैं, तो उसका फाइबर हल्का और पचने में आसान हो जाता है। भुना अमरूद पेट की मांसपेशियों को टाइट करता है और अंदर जमा एक्स्ट्रा पानी को रोकता है। इससे दस्त जल्दी रुक जाते हैं और पेट शांत होता है।
भुना अमरूद पेट में जाकर खट्ठेपन को कम करता है। यह पेट की दीवारों पर एक हल्की-सी परत बना देता है, जिससे एसिड सीधे पेट में जलन नहीं करता। कई लोग एसिडिटी की दवा लेने पर पेट में भारीपन महसूस करते हैं लेकिन भुना अमरूद नेचुरल, हल्का और बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के एसिडिटी ठीक करता है।
कच्चे अमरूद में थोड़ा ठंडा गुण रहता है, जिससे कुछ लोगों में बलगम बढ़ सकता है। अमरूद को भूनने से वह गर्म तासीर वाला बन जाता है। यह गले में जमा चिपचिपा बलगम ढीला करता है, खांसी कम करता है और आवाज साफ करता है। ठंड के मौसम में या जब गला बैठ जाए, भुना अमरूद बहुत राहत देता है।
सर्द मौसम या शाम के समय शरीर को हल्की गर्माहट चाहिए होती है। भुना अमरूद पेट को भरे रखता है लेकिन भारीपन नहीं करता। यह मीठा भी है, हल्का भी, और पचने में तेज है, इसलिए यह एक परफेक्ट शाम का स्नैक बन जाता है, खासकर चाय-कॉफी के बजाय कुछ हेल्दी खाने के लिए।
कच्चे फलों में अक्सर फाइबर और प्राकृतिक शर्करा (fructose) ज्यादा सक्रिय रहते हैं, जिससे गैस बन सकती है। अमरूद को भूनने से ये दोनों चीजें नर्म और हल्की हो जाती हैं। इसलिए जिन्हें कच्चा अमरूद या अन्य फल खाने से गैस होती है, वे भी भुना अमरूद आराम से खा सकते हैं। इससे पेट में गैस, फूला-फूली और भारीपन नहीं होता। ये कोई कोई महंगा सप्लीमेंट नहीं है और न ही कोई एक्सपेंसिव सुपरफूड, लेकिन फिर भी हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है।
(डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। कोई फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ से बात करें। मिंट हिंदी किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।)
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