Shardiya Navratri Kalash Sthapana muhurat: क्या है घटस्थापना का शुभ मुहूर्त, जानिए जरूरी सामग्री और पूजा विधि के बारे मे

Shardiya Navratri Kalash Sthapana muhurat: नवरात्रि के दौरान कलश स्थापना का सही समय पूजा के लिए महत्वपूर्ण है। यह पूजा आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को होती है। देवी शैलपुत्री की पूजा विशेष शुभ मानी जाती है।

Manali Rastogi
अपडेटेड18 Sep 2025, 03:37 PM IST
क्या है घटस्थापना का शुभ मुहूर्त, जानिए जरूरी सामग्री और पूजा विधि के बारे मे
क्या है घटस्थापना का शुभ मुहूर्त, जानिए जरूरी सामग्री और पूजा विधि के बारे मे

Shardiya Navratri Kalash Sthapana muhurat: नवरात्रि भक्ति, नव ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति का समय है। श्रद्धा और सही तैयारी के साथ कलश स्थापना करने से पूरे नौ दिनों का शुभारंभ होता है। सही समय पर पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि, शांति और शुभ फल प्राप्त होते हैं। इस वर्ष शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर 2025 से शुरू होकर 1 अक्टूबर 2025 तक चलेगी। विजयादशमी यानी दशहरा 2 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा।

यह भी पढ़ें | नवरात्रि के लिए घर पर बनाएं ये लेटेस्ट रंगोली डिजाइन, मां दुर्गा होंगी प्रसन्न

कलश स्थापना (घटस्थापना) का शुभ मुहूर्त

यह पूजा आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को की जाती है। इसी दिन देवी शैलपुत्री की पूजा होती है।

  • सुबह का समय: 06:09 बजे से 08:06 बजे तक
  • मध्यान्ह का समय: 11:49 बजे से 12:38 बजे तक

इन समयों पर कलश स्थापना करना विशेष शुभ और मंगलकारी माना जाता है।

नवरात्रि और कलश स्थापना के लिए सामग्री

मुख्य पूजा के लिए:

  • लाल या पीला कपड़ा
  • अक्षत (साबुत चावल)
  • रोली/कुमकुम
  • हल्दी
  • घी का दीपक
  • बाती और माचिस/लाइटर
  • अगरबत्ती/धूपबत्ती
  • तेल का दीपक
  • फूल
  • पान के पत्ते
  • मिठाई या भोग
  • माता की चुनरी या वस्त्र

यह भी पढ़ें | Navratri 2025: क्या आप जानते हैं चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि के बीच अंतर?

कलश स्थापना के लिए:

  • मिट्टी का पात्र (जिसमें जौ/गेहूं बोएं)
  • शुद्ध मिट्टी
  • जौ या गेहूं के दाने
  • धातु का कलश/जलपात्र
  • गंगाजल या पवित्र जल
  • आम या अशोक के पत्ते
  • नारियल
  • लाल कपड़ा (कलश ढकने के लिए)
  • मौली (पवित्र धागा)
  • सुपारी
  • सिक्के
  • हल्दी की गांठें
  • अक्षत (चावल)

यह भी पढ़ें | नवरात्रि में स्टाइलिश दिखने के लिए ट्राई करें सेलेब्स इंस्पायर्ड एथनिक ऑउटफिट्स

कलश स्थापना की विधि

  • पूजा स्थान को साफ करके पवित्र बनाएं।
  • मिट्टी के पात्र में शुद्ध मिट्टी डालकर उसमें जौ या गेहूं के बीज बो दें।
  • कलश में पवित्र जल भरें और उसमें सुपारी, हल्दी, सिक्के व अक्षत डालें।
  • कलश के मुख पर आम/अशोक के पत्ते लगाएं, ऊपर लाल कपड़े से ढका नारियल रखें और मौली से बांध दें।
  • मंत्र उच्चारण के साथ कलश को स्थापित करें और नवरात्रि व्रत का संकल्प लें।
  • पूरे नौ दिनों तक सुबह-शाम दीपक जलाएं, आरती करें और दुर्गा सप्तशती/चालीसा का पाठ करें।
  • अगर संभव हो तो अखंड ज्योति (निरंतर दीपक) जलाना बहुत शुभ माना जाता है।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़ट्रेंड्सShardiya Navratri Kalash Sthapana muhurat: क्या है घटस्थापना का शुभ मुहूर्त, जानिए जरूरी सामग्री और पूजा विधि के बारे मे
More
बिजनेस न्यूज़ट्रेंड्सShardiya Navratri Kalash Sthapana muhurat: क्या है घटस्थापना का शुभ मुहूर्त, जानिए जरूरी सामग्री और पूजा विधि के बारे मे
OPEN IN APP