अगर आपने जरूरत से ज़्यादा चावल पका लिए हैं, तो बचे हुए चावल को रखना बिल्कुल ठीक है लेकिन तभी, जब आप उसे सही तरीके से संभालें। अगर चावल को समय पर ठंडा न किया जाए, सही तापमान पर न रखा जाए या ठीक से दोबारा गर्म न किया जाए, तो यह गंभीर फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है।
यूके के सर्जन और हेल्थ कंटेंट क्रिएटर डॉ. करण राजन ने बताया है कि बचे हुए चावल कब सुरक्षित होते हैं, सही समय और तापमान क्यों जरूरी है, और गलत स्टोरेज से कैसे तबीयत खराब हो सकती है। 31 दिसंबर को इंस्टाग्राम वीडियो में उन्होंने कहा कि बचे हुए चावल सेहतमंद भी हो सकते हैं लेकिन सिर्फ तब, जब उन्हें सही तरीके से ठंडा, स्टोर और दोबारा गर्म किया जाए।
बचे हुए चावल को सही तरह से रखना क्यों जरूरी है?
डॉ. राजन के अनुसार, बचे हुए चावल सुरक्षित और सेहतमंद होते हैं, अगर उन्हें सही तरीके से रखा और गर्म किया जाए। उन्होंने बताया कि कच्चे चावल में Bacillus cereus नाम के बैक्टीरिया के स्पोर्स हो सकते हैं।
ये पकाने के बाद भी बच सकते हैं और अगर पके चावल को कई घंटों तक कमरे के तापमान पर छोड़ दिया जाए, तो ये तेजी से बढ़कर ज़हरीले टॉक्सिन बना सकते हैं। इससे फूड पॉइजनिंग हो सकती है। ऐसा पास्ता, आलू और अन्य स्टार्च वाले खाद्य पदार्थों के साथ भी हो सकता है।
जरूरी सेफ्टी निर्देश
डॉ. राजन ने बताया कि खतरा तब बढ़ता है, जब पके चावल को बैक्टीरिया के “डेंजर ज़ोन” में ज़्यादा देर रखा जाए। यह तापमान 5°C से 60°C के बीच होता है, जहां बैक्टीरिया बहुत तेज़ी से बढ़ते हैं। उनकी सलाह:
- चावल पकने के 1–2 घंटे के अंदर फ्रिज में रख दें
- अगर चावल ज़्यादा हैं, तो उन्हें छोटे कंटेनरों में बांट लें
- चावल को 40°F (लगभग 4°C) या उससे कम तापमान पर फ्रिज में रखें
- फ्रिज में चावल 3 से 6 दिन तक सुरक्षित रहते हैं
- दोबारा गर्म करते समय चावल पूरी तरह 165°F (लगभग 74°C) तक गर्म हों
चावल को बार-बार दोबारा गर्म न करें
उन्होंने टेकअवे चावल को दोबारा गर्म करने से भी सावधान किया, क्योंकि वह पहले से ही एक बार गर्म किया जा चुका हो सकता है। डॉ. राजन कहते हैं कि अगर आप इन बातों को न भी मानें, तो ज़रूरी नहीं कि हर बार बीमार हों लेकिन ये सावधानियां जोखिम कम करने के लिए हैं, जैसे टॉयलेट के बाद हाथ धोना।
बचे हुए चावल सेहत के लिए अच्छे भी होते हैं
डॉ. राजन ने बताया कि ठंडे किए गए चावल सेहत के लिए और भी फायदेमंद हो सकते हैं। ठंडा होने पर चावल में “रेज़िस्टेंट स्टार्च” बनता है, जो फाइबर की तरह काम करता है। यह पाचन को धीमा करता है, आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को पोषण देता है और ब्यूटिरेट जैसे फायदेमंद तत्वों के उत्पादन को बढ़ाता है। यानी, सही तरीके से रखे और गर्म किए गए बचे हुए चावल न सिर्फ सुरक्षित हैं, बल्कि आपकी सेहत के लिए भी अच्छे हो सकते हैं।
(डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। कोई फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ से बात करें। मिंट हिंदी किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।)