Earthquake in Ladakh Today: आज सुबह-सुबह देश में भूकंप के झटके महसूस किए गए। लद्दाख के लेह में सबुह 6 बजकर 5 मिनट पर धरती डोलने लगी, जिसकी वजह से लोग घरों और कैंपों से निकलकर बाहर आ गए।
कितनी थी भूकंप की तीव्रता?
भूकंप की तीव्रता 5.5 थी, जिसकी वजह से आसपास के इलाकों में भी हल्के झटके महसूस किए गए। फिलहाल अभी किसी जानमाल के नुकसान की जानकारी नहीं आई है। बताया जा रहा है कि भूकंप का केंद्र जमीन के करीब 10 किलोमीटर की गहराई में था।
भूकंप के झटकों से दो बार हिली लेह की धरती
इसके बाद सुबह नौ बजकर 54 मिनट पर 4.3 तीव्रता का एक और भूकंप आया। इसका केंद्र 36.76 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 75.326 डिग्री पूर्वी देशांतर में 10 किलोमीटर गहराई में था। दोनों भूकंप लेह क्षेत्र में दर्ज किए गए और इनके बीच करीब चार घंटे का अंतर था।भूकंप से जानमाल के नुकसान की तत्काल कोई सूचना नहीं मिली है। लगातार आए इन झटकों से स्थानीय लोग घबरा गए। यह क्षेत्र भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में आता है।
आखिर धरती क्यों कांपती है?
धरती का कांपना यानी भूकंप आना जमीन के नीचे होने वाली भूगर्भीय हलचल का नतीजा है। हमारी धरती कई बड़ी टेक्टोनिक प्लेटों से बनी है, जो लगातार बेहद धीमी गति से खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं, एक-दूसरे के नीचे जाती हैं या उनके बीच तनाव बढ़ता है, तो धरती के अंदर बड़ी मात्रा में ऊर्जा जमा होने लगती है। जब यह ऊर्जा अचानक बाहर निकलती है, तो भूकंपीय तरंगें पैदा होती हैं और जमीन हिलने लगती है। इसी हलचल को हम भूकंप के रूप में महसूस करते हैं। कई बार ये झटके इतने हल्के होते हैं कि महसूस भी नहीं होते, जबकि तेज भूकंप इमारतों, सड़कों और दूसरी संरचनाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं।