Lenskart Controversy: ड्रेस कोड विवाद के बाद लेंसकार्ट की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। सोशल मीडिया पर लेंसकार्ट स्टोर का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें स्टोर के अंदर भगवान की मूर्ति रखने की जगह को लेकर विवाद बढ़ गया है। वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि स्टोर के भीतर भगवान की मूर्ति को एक ऊंचे आसन या मंदिर के बजाय, जमीन के करीब या रैक के सबसे निचले हिस्से में रखा गया था। वीडियो में दावा किया गया है कि भगवान की मूर्ति को पैरों के पास रखा गया है।
एक वीडियो एक्स पर पोस्ट करते हुए एक यूजर ने लिखा-पीयूष बंसल, ये किस तरह की व्यवस्था है? आपके स्टोर में भगवान को पैरों के पास रखा गया है। क्या आपकी करोड़ों की कंपनी और आपकी HR टीम भगवान के लिए एक छोटा सा स्टैंड या पेडेस्टल तक नहीं बनवा सकी? आप इसी हिंदू समुदाय से करोड़ों का मुनाफा कमाते हैं और उन्हीं की आस्था का यह अपमान?
सोशल मीडिया पर यूजर्स का पोस्ट देखते ही देखते आग की तरह फैल गया। लोगों का कंपनी का बहिष्कार तक करने की मांग कर दी।
मूर्ति वाले मामले में पीयूष बंसल ने साधी चुप्पी
भारत में जब बात धार्मिक भावनाओं की आती है, तो विवादों को शांत करना आसान नहीं होता। ट्विटर (X) और फेसबुक पर यूजर्स ने लेंसकार्ट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अभी तक इस मामले में लेंसकार्ट के सीईओ पीयूष बंसल ने चुप्पी साधी हुई है। कंपनी की तरफ से भी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
बता दें कि हिजाब और बिंदी वाले ड्रेस कोड मामले में चश्मों की खुदरा कंपनी लेंसकार्ट ने सोशल मीडिया पर हुए विरोध के बाद माफी मांगी है। इसके अलावा कंपनी ने नया 'इन-स्टोर स्टाइल गाइड' जारी किया है, जिसमें कर्मचारियों को कार्यस्थल पर धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक पहनने की अनुमति दी गई है। कंपनी ने 'एक्स' पर जारी बयान में कहा कि ग्राहकों और समुदाय की चिंताओं को दूर करने के लिए वह अपने दिशानिर्देशों को सार्वजनिक और पारदर्शी बना रही है। हालांकि माफी के बाद भी ये विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।