Lips colour change: अक्सर हम होंठों के रंग में आए छोटे-से बदलाव को मौसम, थकान या लिपस्टिक का असर मानकर टाल देते हैं। लेकिन शरीर कई बार बिना बोले संकेत देता है और होंठों का बदलता रंग भी उन्हीं संकेतों में से एक हो सकता है। 'बिजनेस रेमेडीज' में प्रकाशित खबर के मुताबिक होंठों का रंग शरीर के अंदर चल रही सेहत से जुड़ी परेशानियों की ओर इशारा कर सकता है, इसलिए इसे हल्के में लेना सही नहीं है।
सफेद या फीका होंठ
अगर होंठों का रंग अचानक फीका, पीला या सफेद सा दिखने लगे, तो यह एनीमिया यानी खून की कमी का संकेत हो सकता है। जब शरीर में हीमोग्लोबिन कम होता है, तो इसका असर सीधे त्वचा और होंठों पर दिखने लगता है। कुछ मामलों में खून में बिलीरुबिन का स्तर बढ़ने से भी होंठ पीले नजर आ सकते हैं, जो अंदरूनी गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।
जामुनी पड़ते होंठ
होंठों का जामुनी या नीला पड़ना अक्सर ऑक्सीजन की कमी से जुड़ा होता है। यह फेफड़ों से संबंधित बीमारियों का संकेत हो सकता है, जहां शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही होती। अगर सांस फूलने या थकान के साथ ऐसा रंग दिखे, तो इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं माना जाता।
होंठों का लाल पड़ना
कई बार होंठों का रंग असामान्य रूप से लाल दिखने लगता है। यह लीवर से जुड़ी परेशानी का संकेत हो सकता है। जब लीवर ठीक से काम नहीं करता, तो शरीर में टॉक्सिन्स का असर दिखने लगता है और उसका एक असर होंठों के रंग में बदलाव के रूप में नजर आ सकता है।
एलर्जी या रिएक्शन का असर
बीमारी ही नहीं, बल्कि किसी तरह की एलर्जी या रिएक्शन की वजह से भी होंठों का रंग बदल सकता है। किसी नए खाने, दवा या कॉस्मेटिक प्रोडक्ट के इस्तेमाल के बाद अगर होंठ सूजें या रंग बदलें, तो यह एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है।
पाचन संबंधी समस्याओं का संकेत
पाचन से जुड़ी समस्याएं भी होंठों के रंग पर असर डालती हैं। पेट ठीक से काम न करे, गैस, अपच या दूसरी दिक्कतें हों, तो होंठ पीले या फीके दिखने लगते हैं। यह शरीर का तरीका होता है यह बताने का कि अंदर कुछ ठीक नहीं चल रहा।
होंठ सिर्फ चेहरे की खूबसूरती का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि सेहत का आईना भी हैं। अगर उनके रंग में बार-बार या लंबे समय तक बदलाव दिखे, तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय गंभीरता से लेना जरूरी है। समय पर ध्यान देने से कई बड़ी परेशानियों को शुरुआती स्तर पर ही समझा जा सकता है।