जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए भयावह आतंकी हमले के बाद बंद किए गए 14 पर्यटन स्थलों को फिर से खोलने का आदेश दिया है। यह फैसला पूरी सुरक्षा समीक्षा के बाद लिया गया है, ताकि यात्रियों का भरोसा बढ़े और क्षेत्र में पर्यटन तथा हवाई सेवाएं दोबारा सामान्य हो सकें।
इन स्थानों को उनकी प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक महत्व और रोमांचक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। इनके फिर से खुलने से यह संकेत मिलता है कि हालात सुधर रहे हैं और जम्मू-कश्मीर एक बार फिर पर्यटकों का स्वागत करने के लिए तैयार है।
इन पर्यटन स्थलों को क्यों बंद किया गया था?
पहलगाम के बैसरन मैदान में हुए आतंकी हमले में कई पर्यटकों की मौत हो गई थी। इसके बाद एहतियात के तौर पर प्रशासन ने 48 पर्यटन स्थलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। इसका उद्देश्य संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की जांच और उसे मजबूत करना था। अब बेहतर सुरक्षा इंतजामों के बाद चरणबद्ध तरीके से इन स्थलों को दोबारा खोला जा रहा है।
दोबारा खोले गए 14 पर्यटन स्थल
1. यूसमर्ग (बडगाम): यह एक शांत पहाड़ी स्थल है, जो हरे-भरे मैदानों, चीड़ के जंगलों और बर्फ से ढके पहाड़ों के लिए प्रसिद्ध है।
2. दूधपतरी (बडगाम): इसे “वैली ऑफ मिल्क” भी कहा जाता है। यह हरे-भरे घास के मैदानों और साफ बहती धाराओं के लिए मशहूर है।
3. डांडीपोरा पार्क (अनंतनाग): यह परिवार के साथ घूमने के लिए उपयुक्त स्थान है, जो हरियाली और पहाड़ों के सुंदर दृश्यों से घिरा है।
4. पीर की गली (शोपियां): मुगल रोड पर स्थित यह ऐतिहासिक दर्रा अपने शानदार पहाड़ी नजारों और ठंडे मौसम के लिए जाना जाता है।
5. दुबजन (शोपियां): यह घने जंगलों से घिरा एक सुंदर घास का मैदान है।
6. पदपावन (शोपियां): यह स्थान अपने धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
7. अस्तानपोरा (श्रीनगर): यह एक कम प्रसिद्ध लेकिन बेहद खूबसूरत और शांत पर्यटन स्थल है।
8. ट्यूलिप गार्डन (श्रीनगर): इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन है, जो हर साल बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है।
9. थाजवास ग्लेशियर (गांदरबल): सोनमर्ग के पास स्थित यह ग्लेशियर बर्फीली गतिविधियों, खूबसूरत नजारों और पोनी राइड के लिए लोकप्रिय है।
10. हंग पार्क (गांदरबल): यह पार्क सुंदर प्राकृतिक दृश्यों और मनोरंजन की सुविधाओं के लिए जाना जाता है।
11. वुलर झील / वाटलैब (बारामूला): वुलर झील एशिया की सबसे बड़ी मीठे पानी की झीलों में से एक है। यहां नौकायन, पक्षी अवलोकन और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया जा सकता है।
जम्मू संभाग के तीन स्थल
- देवी पिंडी (रियासी)
- माहू मंगत (रामबन)
- मुगल मैदान (किश्तवाड़)
इन पर्यटन स्थलों के दोबारा खुलने से जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है और क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल होने का सकारात्मक संदेश गया है।