Sankashti Chaturthi: आज विकट संकष्टी चतुर्थी पर चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूरा करें व्रत, नोट करें चंद्रोदय का समय

Vikat Sankashti Chaturthi 2026 Moonrise timing: आज विकट संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जा रहा है, जिसका विशेष धार्मिक महत्व है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत पूरा किया जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं आज चंद्रोदय का सही समय।

Priya Shandilya
अपडेटेड5 Apr 2026, 09:57 AM IST
आज है विकट संकष्टी चतुर्थी, जानें चंद्रोदय का समय
आज है विकट संकष्टी चतुर्थी, जानें चंद्रोदय का समय

Sankashti Chaturthi 5 April 2026 Moonrise Timing: आज 5 अप्रैल 2026, रविवार का दिन गणेश भक्तों के लिए बेहद खास है। आज 'विकट संकष्टी चतुर्थी' का पावन पर्व मनाया जा रहा है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, वैशाख महीने की इस चतुर्थी का फल अक्षय तृतीया और निर्जला एकादशी के समान ही पुण्यदायी माना जाता है। मान्यता है कि आज के दिन व्रत रखने और बप्पा की आराधना करने से जीवन के बड़े से बड़े और कठिन से कठिन संकट टल जाते हैं। ऐसे में सही समय और पूजा विधि जानना बेहद जरूरी हो जाता है।

आज का व्रत इतना खास क्यों?

पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि आज दोपहर 3:42 बजे से शुरू होकर कल 6 अप्रैल को दोपहर 2:18 बजे तक रहेगी। चूंकि संकष्टी चतुर्थी का व्रत रात को चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही संपन्न माना जाता है और चतुर्थी वाली रात आज ही मिल रही है, इसलिए ज्योतिषीय गणना के हिसाब से आज व्रत रखना सबसे शुभ और फलदायी माना गया है।

इस व्रत का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विकट संकष्टी चतुर्थी का व्रत विशेष रूप से संतान की तरक्की और घर की नकारात्मक ऊर्जाओं को खत्म करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा, यह व्रत संतान की सुख-समृद्धि के लिए, कोर्ट-कचहरी के मामलों में राहत के लिए और पारिवारिक क्लेश खत्म करने के लिए भी रखा जाता है। इस व्रत को बहुत ही शक्तिशाली और फलदायी माना जाता है।

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चांद कब निकलेगा और पूजा का सही समय

गणेश जी की पूजा के लिए शाम का समय सबसे उत्तम होता है। आज पूजा और अर्घ्य के लिए ये मुहूर्त नोट कर लें:

  • अमृत काल (पूजा का बेस्ट समय): शाम 05:25 से 07:01 तक।
  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:59 से दोपहर 12:49 तक।
  • चंद्रोदय (चांद निकलने का समय): रात 09:22 बजे। इसी समय चंद्रमा को जल (अर्घ्य) देकर आप अपना व्रत खोल सकते हैं।

भगवान गणेश की पूजा विधि:

आज शाम को शुभ मुहूर्त में गणेश जी की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराएं और उन्हें पीले वस्त्र पहनाएं। बप्पा को उनके सबसे प्रिय मोदक या लड्डू का भोग लगाएं। सबसे जरूरी बात, आज गणेश जी को 21 दूर्वा (घास) जरूर चढ़ाएं। माना जाता है कि दूर्वा चढ़ाने से अटके हुए काम और बिगड़ी हुई किस्मत संवर जाती है।

रात को 09:22 बजे जब चांद निकल आए, तब एक लोटे में जल, थोड़ा दूध और अक्षत (चावल) डालकर चंद्रमा को अर्घ्य दें। इसके बाद प्रसाद ग्रहण करके व्रत खोलें।

आज का दिन भगवान गणेश की कृपा पाने का खास मौका है। अगर आप सच्चे मन से व्रत रखते हैं और सही समय पर पूजा करते हैं, तो जीवन की कई परेशानियां दूर हो सकती हैं। इसलिए आज बप्पा का नाम लें, नियम से पूजा करें और अपने जीवन में सुख-शांति की कामना करें।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

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