
Mahakumbh Stampede: प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान आज सुबह, 29 जनवरी को, मौनी अमावस्या स्नान से पहले भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस अफरा-तफरी में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को महाकुंभ भगदड़ में हुई मौतों की पुष्टि की है। हालांकि, उन्होंने कुल हताहतों की संख्या नहीं बताई।
प्रधानमंत्री ने X पर एक पोस्ट में कहा कि महाकुंभ मेले में बुधवार तड़के हुई भगदड़ की घटना "बेहद दुखद" है। उन्होंने इस घटना में अपनों को खोने वाले श्रद्धालुओं के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
पीएम मोदी ने कहा, “स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद करने में लगा हुआ है। इस संबंध में मैंने मुख्यमंत्री योगी जी से बात की है और मैं लगातार राज्य सरकार के संपर्क में हूं।”
CM आदित्यनाथ ने ANI को बताया, "प्रयागराज में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन भीड़ अभी भी बहुत ज़्यादा है। विभिन्न अखाड़ों के संतों ने विनम्रतापूर्वक कहा है कि भक्तों को पहले पवित्र स्नान करना चाहिए और भीड़ कम होने के बाद अखाड़े पवित्र स्नान के लिए आगे बढ़ेंगे।"
भगदड़ के कारण अखाड़ों ने अमृत स्नान रद्द कर दिया था। हालांकि, बाद में यह निर्णय लिया गया कि भीड़ कम होने के बाद वे बिना किसी जुलूस के पवित्र डुबकी लगाना शुरू करेंगे।
अमृत स्नान रद्द करने के कुछ घंटों बाद इसपर विचार-विमर्श किया गया और फिर अमृत स्नान करने का फैसला लिया गया। ज्योतिष पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, श्रृंगेरी पीठाधीश्वर जगतगुरु स्वामी विदुशेखर भारती समेत विभिन्न अखाड़ों के साधु-संत पवित्र स्नान के लिए संगम पर पहुंचे। पहले अमृत स्नान बंद कर दिया गया था, बाद में यह निर्णय लिया गया कि साधु-संत बिना किसी जुलूस के दिन में बाद में पवित्र स्नान करेंगे।
भगदड़ की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए विशेष कार्यकारी अधिकारी आकांक्षा राणा ने कहा, “संगम मार्गों पर कुछ बैरिकेड्स टूटने के कारण भीड़ अनियंत्रित हो गई, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। कुछ लोग घायल हुए हैं और उनका इलाज चल रहा है। यह कोई गंभीर स्थिति नहीं है...”
प्रयागराज के एक प्रत्यक्षदर्शी और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर विवेक मिश्रा ने भगदड़ के खौफनाक पल याद करते हुए कहा, "यह घटना रात करीब 2:30 बजे हुई जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम तट पर पहुंचे। भीड़ को यह समझ नहीं आ रहा था कि स्नान के बाद कहां जाना है। कई लोगों के सिर पर भारी सामान था। लोहे के बड़े कूड़ेदान जगह-जगह रखे थे, जो भीड़ को दिखाई नहीं दिए। कुछ लोग संतुलन खोकर गिर गए और उनका सामान चारों ओर बिखर गया।"
विवेक ने आगे बताया, “मैं भी गिर पड़ा क्योंकि मेरे पैर एक कूड़ेदान में फंस गए थे। मेरे जूते खो गए, मैं नंगे पांव रह गया। मेरे पैरों में चोट आई। किसी तरह खड़े होकर मैंने अपने माता-पिता और पास में गिरी एक महिला को बचाया। इसके बाद भीड़ में मौजूद युवकों ने एक-दूसरे को धक्का देना शुरू कर दिया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। जो मैंने वहाँ देखा, उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकता।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात कर महाकुंभ मेले की स्थिति की समीक्षा की और तत्काल राहत उपायों के निर्देश दिए।
(एजेंसियों से इनपुट के साथ)
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