Mahashivratri Shubh Muhurat 2026: महाशिवरात्रि पर कितने बजे करें शिवलिंग पर जलाभिषेक? जानिए शुभ मुहूर्त से पूजा विधि तक

Mahashivratri Puja Vidhi: आज महाशिवरात्रि के दिन अगर आपने भोले बाबा का व्रत किया है, तो उनकी पूजा पूरे विधि-विधान से करनी चाहिए। आइए जानते हैं कि आज शिवलिंग पर जल चढ़ाने का सही वक्त क्या है। 

Anuj Shrivastava
अपडेटेड15 Feb 2026, 06:23 AM IST
महाशिवरात्रि की पूजा विधि
महाशिवरात्रि की पूजा विधि

Mahashivratri Shubh Muhurat 2026: महाकाल की महिमा अपरंपार है और उनकी कृपा से ही भक्त हर संकट से पार पा जाते हैं। आज उन्हीं महाकाल की महाशिवरात्रि है। इस दिन भक्त भोले बाबा और मां पार्वती की पूजा करते हैं। इसी दिन माता पार्वती और भोले बाबा का विवाह हुआ था। इसलिए फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी के दिन महाशिवरात्रि मनाई जाती है। आज के दिन भक्त शिवलिंग पर जलाभिषेक करके पूरे विधि विधान से भगवान शिव की पूजा करते हैं और पूरे दिन का व्रत भी करते हैं। अगर आप भी महाशिरात्रि का व्रत करने वाले हैं और भोले बाबा का जलाभिषेक करके उन्हें प्रसन्न करना चाहते हैं, तो पूजा का शुभ मुहूर्त जान लीजिए।

कितने बजे शुरू होगी चतुर्दशी?

हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की तिथि 15 फरवरी की शाम 5 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगी और 16 फरवरी को सुबह 5 बजकर 34 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में शिवरात्रि का व्रत 15 फरवरी रविवार को रखा जाएगा।इसके अलावा अगर आप महाशिवरात्रि का व्रत रख रहे है, तो उसका पारण 16 फरवरी की सुबह 6 बजकर 50 मिनट से दोपहर में 3 बजकर 24 मिनट के बीच किया जा सकता है।

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महाशिवरात्रि के दिन जलाभिषेक के शुभ मुहूर्त

क्रमसमयावधि
पहला मुहूर्तसुबह 08:24 बजे – 09:48 बजे
दूसरा मुहूर्तसुबह 09:48 बजे – 11:11 बजे
तीसरा मुहूर्तसुबह 11:11 बजे – दोपहर 12:35 बजे
चौथा मुहूर्तसुबह 06:11 बजे – 07:47 बजे
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चार प्रहर की पूजा का मुहूर्त

प्रहरतिथिसमयावधि
पहला प्रहर15 फरवरीशाम 06:11 बजे – रात 09:23 बजे
दूसरा प्रहर15 फरवरीरात 09:23 बजे – रात 12:35 बजे
तीसरा प्रहर16 फरवरीरात 12:35 बजे – सुबह 03:47 बजे
चौथा प्रहर16 फरवरीसुबह 03:47 बजे – सुबह 06:59 बजे

महाशिवरात्रि की पूजा विधि

अगर आप महाशिवरात्रि पर शिव शंकर को खुश करना चाहते हैं, तो आपको पूरे विधि-विधान से पूजा करनी होगी। पूजा करने की विधि काफी आसान है, लेकिन जरा की गलती से सबकुछ खराब हो सकता है।महाशिवरात्रि के दिन सुबह उठकर जल्दी नहा लें और व्रत करने का संकल्प लें। उसके बाद एक साफ कपड़े को चौकी पर बिछाकर उसके ऊपर चावल रख दें। चावल के ऊपर भगवान शिव को विराजमान करवाएं। अब एक कलश लें और उसके ऊपर स्वास्तिक बनाएं और उसमें जल भर लें।

कलश में सुपारी, सिक्का डालना न भूलें। अब उसके भगवान शिव के सामने रखकर वहां पर घी का दीपक जलाएं। अगर आपके पास शिवलिंग है, तो उसका जलाभिषेक कर सकते हैं। अगर नहीं है, तो मिट्टी से शिवलिंग बनाकर उसकी पूजा करें। जलाभिषेक करते वक्त ध्यान रहे कि 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जप करते रहें। उसके बाद शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा,भाग, शमी पत्र और फूल अर्पित करें। पूजा के बाद भगवान शिव की आरती करना बिल्कुल भी न भूलें। आरती के बिना आपकी पूजा और व्रत अधूरा माना जाता है।

शिवजी की आरती 'ॐ जय शिव ओंकारा' | Om Jai Shiv Omkara Lyrics in Hindi

ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।

ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ ओम जय शिव ओंकारा॥

एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे।

हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥

ओम जय शिव ओंकारा॥

दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।

त्रिगुण रूप निरखत त्रिभुवन जन मोहे॥

ओम जय शिव ओंकारा॥

अक्षमाला वनमाला मुण्डमालाधारी।

त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥

ओम जय शिव ओंकारा॥

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघंबर अंगे।

सनकादिक गरुड़ादिक भूतादिक संगे॥

ओम जय शिव ओंकारा॥

कर के मध्य कमण्डल चक्र त्रिशूलधारी।

जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता॥

ओम जय शिव ओंकारा॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।

प्रणवाक्षर के मध्ये ये तीनों एका॥

ओम जय शिव ओंकारा॥

पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा।

भांग धतूरे का भोजन, भस्मी में वासा॥

ओम जय शिव ओंकारा॥

जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला।

शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला॥

ओम जय शिव ओंकारा॥

काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।

नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी॥

ओम जय शिव ओंकारा॥

त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ नर गावे।

कहत शिवानन्द स्वामी, मनवान्छित फल पावे॥

ओम जय शिव ओंकारा॥ स्वामी ओम जय शिव ओंकारा॥

महाशिवरात्रि 2026 पूजन सामग्री लिस्ट ( Mahashivratri Pujan Samagri List )

1) बेलपत्र

2) रक्षा सूत्र

3) भांग

4) शिव पार्वती की प्रतिमा और शिवलिंग

5) नारियल

6) सिंदूर

7) पीली सरसों

8) भस्म

9) मिट्टी के दीपक 5 या 11

10) केसर

11) लौंग

12) सुपारी

13) इलायची

14) माता पार्वती के लिए श्रृंगार का सामान

15) माता पार्वती के लिए वस्त्र

16) शिव परिवार सभी के लिए वस्त्र

17) भगवान शिव के लिए वस्त्र और अंगोछा

18) जनेऊ

19) पान के पत्ते

20) गुलाब जल

21) भोग के लिए मिठाई और फल

22) हवन सामग्री

23) शिवलिंग के अभिषेक के लिए गाय का दूध

24) आम का पल्लव

25) पीला कपड़ा

26) अक्षत

27) जौ

28) तिल

29) कुमकुम30) शहद

31) गंगाजल

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। Mint Hindi एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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