मौनी अमावस्या को माघी अमावस्या भी कहा जाता है। धार्मिक दृष्टि से यह दिन बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन स्नान, दान और पितरों की पूजा करने से शुभ फल मिलते हैं। मौनी अमावस्या पर तर्पण (पितरों को जल अर्पित करना) और कुछ आसान उपाय करने से पितृ दोष से मुक्ति मिल सकती है।
ऐसा माना जाता है कि पितरों के लिए किए गए उपायों से जीवन की कई परेशानियां दूर हो जाती हैं। मौनी अमावस्या 2026 ऐसे ही उपाय करने के लिए सबसे अच्छा दिन है।
- धार्मिक मान्यता है कि पीपल के पेड़ में पितरों का वास होता है। इसलिए माघी अमावस्या पर पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं, दूध और गंगाजल चढ़ाएं और फिर पेड़ की सात बार परिक्रमा करें।
इन सरल उपायों को अपनाकर आप पितरों की कृपा पा सकते हैं और जीवन की बाधाओं से राहत प्राप्त कर सकते हैं।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)