हाल ही में बिग बॉस के एक एपिसोड में एक पत्रकार ने प्रतियोगी तान्या मित्तल से उनके विवादित बयान के बारे में सवाल किया। तान्या ने पहले प्रनीत से कहा था कि जो महिलाएं साड़ी पहनती हैं, उन्हें अक्सर सफलता पाने में मुश्किल होती है। पत्रकार ने पूछा कि आप साड़ी को क्यों नीचा दिखाती हैं, क्यों पारंपरिक पोशाक को कमजोरी माना जाता है, जबकि यह शक्ति का प्रतीक भी हो सकता है। इस टिप्पणी ने महिलाओं की छवि और रूढ़िवादिता पर बहस छेड़ दी।
पत्रकार ने कहा, “बहुत मज़ा आ रहा है आपको देखकर, आज साड़ी नहीं पहनी आपने।” तान्या ने जवाब दिया, “मैंने आज लहंगा पहना है, सोचा साड़ी से थोड़ा अलग हो जाएगा, आपको नहीं जम रहा।” पत्रकार ने कहा, “नहीं नहीं, आप तो साड़ी में बहुत कमाल लगती हैं, खासकर रेडीमेड साड़ियों में। अगर 9 गज या 6 गज वाली साड़ी पहनतीं तो और भी ज्यादा सुंदर लगतीं।”
इसके बाद पत्रकार ने सवाल किया, “जब आप शो की शुरुआत में आई थीं, तब आप साड़ी में बहुत सुंदर और शालीन लगती थीं। आपने कहा था कि आप जिस गांव की मदद करती हैं, वहां के लोग अपने पारंपरिक पहनावे में पहने जाने से पहचान पाते हैं। आपने कई बार प्रनीत से कहा कि साड़ी पहनने वाली लड़कियां कभी ग्लैमर में नहीं आ सकतीं। लेकिन आज आप उसी शो का हिस्सा हैं। तो आप कौन होती हैं यह कहने वाली कि साड़ी कमजोरी का प्रतीक है?”
तान्या ने जवाब दिया, “कभी-कभी हम चीज़ों को उस नजर से देखते हैं जिस नजर से देखना चाहते हैं। अगर आप इसे मेरी नजर से देखें तो मैंने इसे शक्तिशाली महिला की तरह ही दिखाया है। टास्क भी साड़ी में किए हैं, सो भी साड़ी में गई हूं। अगर मेरे कुछ शब्द आपको गलत लगे हों तो उसके लिए मैं माफी चाहती हूं।