
Mehul Choksi Extradition: हीरा कारोबारी और पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी को बेल्जियम की कोर्ट ने विदेशी नागरिक माना है। कोर्ट ने कहा कि उसके भारत प्रत्यर्पण पर कोई कानूनी रोक नहीं लगाई जा सकती है। कोर्ट का कहना है कि मेहुल पर गंभीर आरोप लगे हुए हैं। मेहुल चोकसी को भारत में मुंबई की आर्थर रोड जेल की बैरक नंबर 12 में रखा जाएगा, जिसकी जानकारी बेल्जियम के अधिकारियों को दी गई है। भारतीय अधिकारियों ने बेल्जियम के अधिकारियों को आर्थर रोड जेल की तस्वीरें भी सौंप दी है।
बता दें कि बुधवार को सुनवाई में बेल्जियम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि चोकसी पर लगाए गए अपराध भारत और बेल्जियम, दोनों देशों के कानूनों के तहत प्रत्यर्पण योग्य हैं। इसके बाद कहा जा रहा है कि मेहुल की चोकसी के प्रत्यपर्ण हो सकता है। भारत की ओर से बेल्जियम कोर्ट को भरोसा दिलाया गया कि मेहुल चोकसी को मानवीय परिस्थितियों में रखा जाएगा। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि मेहुल चोकसी का कहना था कि भारत में उसे राजनीतिक प्रताड़ना और अमानवीय व्यवहार का खतरा है। हालांकि कोर्ट ने कहा कि ऐसे कोई सबूत नहीं हैं कि भारत में उसे टॉर्चर किया जाएगा या अनुचित मुकदमे चलाए जाएंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चोकसी को मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा जाएगा। यह वही हाई-सिक्योरिटी जेल है, जहां कभी 26/11 हमले के आतंकवादी अजमल कसाब को रखा गया था। रिपोर्ट में बताया गया है कि बैरक में दो कमरे होंगे। इसमें अटैच शौचालय भी है। चोकसी को जेल से बाहर सिर्फ मेडिकल या अदालत में पेशी के लिए ही लाया जाएगा। चोकसी निगरानी जांच एजेंसी के तहत नहीं, बल्कि कोर्ट के अधिकार में होगी। भारत ने बेल्जियम कोर्ट को आश्वासन दिया है कि जेल में सभी मानवाधिकार मानक और मेडिकल सुविधाएं मौजूद हैं।
बेल्जियम पुलिस ने भारतीय जांच एजेंसियों के प्रत्यर्पण की अपील पर इसी साल 12 अप्रैल को पंजाब नेशनल बैंक से लोन धोखाधड़ी मामले में आरोपी मेहुल चोकसी को गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह जेल में है। चोकसी पर 13,850 करोड़ रुपये का घोटाला करने का आरोप है। मेहुल पत्नी प्रीति चोकसी के साथ रह रहा था, जिन्हें बेल्जियम की नागरिकता मिली है।
बेल्जियम के विदेश मंत्रालय ने ही चोकसी की मौजूदगी की जानकारी दी थी। गिरफ्तारी के समय मेहुल चोकसी बेल्जियम से स्विट्जरलैंड भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने चोकसी को गिरफ्तार करते समय दो गिरफ्तारी वारंट का हवाला दिया था। ये मुंबई की एक अदालत ने 23 मई 2018 और 15 जून 2021 को जारी किए थे।
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