Messi Event Disruption: देश में भले ही क्रिकेट के फैंस ज्यादा हों, लेकिन फुटबॉल की भी अपनी दीवानगी है। अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉल प्लेयर लियोनेल मेसी आज से तीन दिनों के लिए भारत दौरे पर हैं। उनके इस दौरे को लेकर मेसी के फैंस काफी उत्साहित थे,लेकिन शनिवार को उनका ये उत्साह बुरी याद में बदल गया क्योंकि टिकट खरीदने के बावजूद हजारों फैंस लियोनेल मेसी की एक साफ झलक तक नहीं देख पाए। मेसी की झलक नहीं मिलने से फैंस काफी नाराज हो गए और ग्राउंड में कुर्सी और बोतल फेंकने लगे।
वीडियो में देखा जा सकता है कि गुस्साए फैंस कुर्सी और बोलत फेंक रहे हैं। फैंस के इस रूप को देखकर इवेंट को बीच में ही रोकना पड़ा। बता दें कि मेसी साल 2011 के बाद पहली बार विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन मैदान पर आए थे। हालांकि फैंस की भीड़ ने जब सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की और तोड़फोड़ कर दी, उनका ये खास कार्यक्रम बीच में ही रोकना पड़ गया। हालात इतने बिगड़ गए थे कि पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ गया।
मेसी के पहुंचने के बाद फैंस को जल्द ही एहसास हो गया कि फुटबॉल खिलाड़ी सुरक्षा और आमंत्रित मेहमानों के कड़े घेरे में हैं, जिससे वो गैलरी के बड़े हिस्सों से मुश्किल से दिखाई दे रहे थे। कई लोगों ने शिकायत की कि वह विशाल स्क्रीनों पर भी साफ दिखाई नहीं दे रहे थे।
फैंस ने लगाए नारे
प्रशंसकों की निराशा बढ़ती गयी और जैसे ही यह स्पष्ट हुआ कि अर्जेंटीना का यह स्टार स्टेडियम का पूरा चक्कर नहीं लगाएगा तो ‘वी वांट मेसी (हमें मेसी चाहिए)’ के नारे तेज हो गये। मेसी पहले से तय स्टेडियम का पूरा चक्कर लगाने की जगह बीच रास्ते से ही वापस मुड़ गए और अपने निर्धारित समय से काफी पहले ही बाहर निकाल लिए गए।
मेसी के समय से पहले मैदान से निकलने की खबर फैलते ही दर्शकों का गुस्सा फुट पड़ा। मैदान में बोतलें और फिर प्लास्टिक की कुर्सियां भी फेंकी गईं। प्रायोजक बैनर और होर्डिंग फाड़ दिए गए, बड़ी संख्या में सीटें तोड़ दी गईं और भीड़ ने मैदान के कुछ हिस्सों में जबरन घुसने के लिए बैरिकेड्स को तोड़ने की कोशिश की।
कितने की थी टिकट?
एक नाराज प्रशंसक अजय शाह ने बताया कि यहां एक गिलास कोल्ड ड्रिंक की कीमत 150-200 रुपये है, फिर भी हमें मेसी की एक झलक भी नहीं मिली। लोग उन्हें देखने के लिए अपनी एक महीने की तनख्वाह खर्च कर चुके हैं। मैंने टिकट के लिए 5000 रुपये दिए और अपने बेटे के साथ मेसी को देखने आया था।