Mia Khalifa Crying Video: अमेरिकी और ईरान के बीच भले ही दो सप्ताह के लिए सीजफायर हो गया है, लेकिन ईरान में हमले जारी हैं। इन्हीं हमलों के बीच लेबनानी-अमेरिकी मीडिया पर्सनालिटी मिया खलीफा का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में मिया फूट-फूट कर रो रही हैं। जंग से बने हालात के बीच उनका ये वीडियो काफी तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में मिया कह रही है कि हालात बहुत डरावने हैं। हमने अपनी आंखों से हमले होते हुए देखें हैं।
रोने लगीं मिया खलीफा
मिया खलीफा ने इमोशनल वीडियो शेयर करते हुए कहा कि ये सब देखना बेहद दर्दनाक है और शब्द भी कम पड़ रहे हैं। सोशल मीडिया पर जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, उन्हें देखना बेहद मुश्किल हो गया है। एक ही दिन में कुछ मिनटों के अंदर सैकड़ों हमले वो भी रिहायशी इलाकों, स्कूलों और अस्पतालों पर हुए हैं। सीजफायर के बीच इस तरह की हिंसा ने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया है। आखिर ये सब कब रुकेगा?
उन्होंने वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा कि ये आतंकवाद से कम नहीं है, जिसे दो देशों ने अंजाम दिया है जिनके युद्ध अपराध एक-दूसरे के बराबर हैं। अमेरिका और इजराइल आतंकवादी, फासीवादी राज्य हैं, जिनके खिलाफ एक दिन हेग में मुकदमे चलेंगे।
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते के कुछ ही घंटों बाद इजरायल ने लेबनान में अब तक का सबसे भीषण हमला किया है जिसमें भारी विनाश हुआ है और बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं।लेबनान के नागरिक सुरक्षा विभाग ने एक बयान में कहा कि बेरूत, बेका घाटी, माउंट लेबनान, सिडोन और दक्षिणी गांवों सहित कई क्षेत्रों में हुए हवाई हमलों में कम से कम 254 लोग मारे गए हैं और 1,100 से अधिक घायल हुए हैं।
इजरायल ने क्यों किया हमला?
इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने तर्क दिया कि इन हमलों का उद्देश्य हिजबुल्लाह से जुड़े बुनियादी ढांचे को नष्ट करना था। हमलों के मुख्य निशाने लितानी नदी पर बने प्रमुख क्रॉसिंग थे। इजरायल इसे दक्षिणी लेबनान को अलग-थलग करने और अपनी सीमा से लगभग 30 किलोमीटर तक बफर जोन स्थापित करने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा बता रहा है। आईडीएफ ने हिजबुल्लाह के अली यूसुफ हर्षी को भी मारने का दावा किया है, हालांकि हिजबुल्लाह ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है।
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को क्षेत्र को स्थिर करने के एक अवसर के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन इजरायली बलों और हिजबुल्लाह के बीच जारी संघर्ष ने शांति वार्ता पर संदेह उत्पन्न कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता फरहान हक ने सभी पक्षों से बातचीत का रास्ता चुनने का आग्रह किया है।ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान ने गुरुवार को कहा कि लेबनान में इजरायली हमलों को रोकना संघर्ष को समाप्त करने के ईरान के 10-सूत्रीय योजना का एक प्रमुख शर्त है।