
Aroop Biswas Resignation: दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेसी के कार्यक्रम में भगदड़ की घटना में पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री अरूप बिस्वास नप गए। उन्हें मंत्री पद से हाथ धोना पड़ा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अरूप बिस्वास का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। बिस्वास ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर खेल मंत्री के पद से मुक्त कर देने का अनुरोध किया था।
हालांकि, वह कैबिनेट मंत्री के रूप में बने रहेंगे और उनके पास बिजली विभाग का प्रभार बना रहेगा। तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, 'बिस्वास का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है तथा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खेल एवं युवा कल्याण विभाग का कार्यभार संभालेंगी।'
राजधानी कोलकाता का विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन साल्ट लेक स्टेडियम के नाम से लोकप्रिय है। यहां 13 दिसंबर को मेसी के आने पर जबर्दस्त अफरा-तफरी मच गई। दर्शकों ने अर्जेंटीना के स्टार खिलाड़ी मेसी के मैदान से बाहर जाने के बाद स्टेडियम के अंदर तोड़फोड़ की थी, जिससे अधिकारियों के अनुमान के अनुसार लगभग दो करोड़ रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। दर्शक कथित कुप्रबंधन, भीड़ नियंत्रण में विफलताओं और सुरक्षा खामियों से नाराज थे।
बिस्वास ने सोमवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर खेल विभाग वापस ले लेने की मांग की थी। उन्होंने पत्र में घटना की निष्पक्ष और बिना किसी बाधा के जांच की आवश्यकता का हवाला दिया था। बिस्वास के इस्तीफे की स्वीकृति एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाक्रम है। अबतक बिस्वास के पास खेल एवं युवा कल्याण और बिजली विभागों का प्रभार था। विभाग वापस लेने का उनका अनुरोध केवल खेल विभाग तक सीमित था।
सूत्रों के अनुसार, खेल मंत्रालय से उनका इस्तीफा स्वीकार होने के बाद भी वह राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य बने हुए हैं। घोष ने इससे पहले सोशल मीडिया पर बिस्वास द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए 15 दिसंबर के पत्र की एक प्रति साझा की थी और कहा था कि मंत्री ने विवाद के मद्देनजर इस्तीफे की पेशकश की है। इस घटनाक्रम से शुरू में कुछ राजनीतिक भ्रम की स्थिति पैदा हो गई, जिसके बाद घोष ने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री का होगा।
हालांकि, मंगलवार शाम को घोष ने पुष्टि की कि इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। बिस्वास के पद से हटने के अनुरोध के बाद खेल और युवा कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को मंगलवार को राज्य सचिवालय नबन्ना में तलब किया गया।
इस विवाद को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हो रही उन तस्वीरों और वीडियो ने और गहरा दिया है जिनमें बिस्वास आयोजन के दौरान मेसी के बेहद करीब दिख रहे हैं।
फुटबॉल प्रशंसकों और आम जनता के कुछ वर्गों ने पूर्व खेल मंत्री पर स्टार खिलाड़ी के बहुत करीब खड़े होने का आरोप लगाया है, जबकि दर्शकों को मेसी को स्पष्ट रूप से देखने के लिए संघर्ष करना पड़ा।
वीडियो वायरल होते ही आलोचनाएं न केवल सार्वजनिक चर्चा में बल्कि राजनीतिक हलकों में भी बढ़ गईं, जिससे इस बात को लेकर अटकलें तेज हो गईं कि क्या बिस्वास को उनके दायित्वों से मुक्त कर दिया जाएगा या वह स्वयं इस्तीफा दे देंगे।
पार्टी के कुछ अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि बिस्वास के सहयोगियों को यह उम्मीद थी कि मंगलवार को निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची के मसौदे के प्रकाशन से यह विवाद दब जाएगा। हालांकि, बिस्वास ने निर्वाचन आयोग की औपचारिक घोषणा से पहले ही मुख्यमंत्री को पत्र लिखा और उनका इस्तीफा उसी दिन स्वीकार कर लिया गया।
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