
स्टार्टअप महाकुंभ में मंच तो था आइडियाज का, लेकिन मोदी सरकार के मंत्री पीयूष गोयल को उनमें इनोवेशन कम और 'दुकानदारी' ज्यादा दिखी। मंत्री जी ने सवाल उठाए तो एक X यूजर ने 48 हाईटेक भारतीय स्टार्टअप्स की लिस्ट ही ठोक दी। आइये देखें क्या है पूरा मामला।
दिल्ली में हाल ही में आयोजित स्टार्टअप महाकुंभ में हजारों स्टार्टअप्स ने अपने आइडियाज को बिजनेस में बदलने और सरकारी समर्थन पाने के इरादे से मंच साझा किया। लेकिन इस कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और जी-20 शेरपा एवं नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत भारतीय स्टार्टअप्स के प्रदर्शन से खुश नजर नहीं आए।
जहां गोयल ने इनोवेशन की कमी और डिलिवरी-बेस्ड बिजनेस मॉडल्स पर सवाल उठाए, वहीं कांत ने भारत को टेक्नोलॉजी कॉलोनी बनने से रोकने के लिए खुद के नए आइडियाज पर काम करने पर जोर दिया।
उनकी इन टिप्पणियों के बाद कई लोगों ने सोशल मीडिया पर रिएक्शन दिया था। Shaadi.com के फाउंडर और Shark Tank के शार्क अनुपम मित्तल ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए सरकार से मिलने वाले सहयोग पर सवाल उठाए थे। उन्होंने लिखा, “AI, स्पेसटेक, मटेरियल साइंस जैसे क्षेत्रों में भारतीय आंत्रप्रेन्योर्स तैयार हैं। लेकिन पूंजी और मदद की भारी कमी है। संस्थापक सब कुछ अकेले नहीं कर सकते।”
उनकी बात पर सहमति जताते हुए एक X यूजर दीपशिखा ने 48 एडवांस टेक स्टार्टअप्स की लिस्ट शेयर की। दीपशिखा ने स्टार्टअप्स को सरकार की तरफ से मिलने वाले सपोर्ट पर प्रकाश डालते हुए कहा, "फंडिंग और सरकार की सहयोग में कमी है। शायद, मंत्रियों को भी इसका पता नहीं है।"
इसके साथ ही उसने एडवांस टेक के क्षेत्र में भारतीयों के स्टार्टअप कंपनियों की पूरी लिस्ट साझा की। लिस्ट में यूजर ने 48 एडवांस टेक कंपनियों के नाम और काम गिनाए।
| स्टार्टअप का नाम | तकनीक की विशेषता |
|---|---|
| Skyroot Aerospace | निजी स्पेसफ्लाइट; विक्रम लॉन्च वाहन और क्रायोजेनिक इंजन बना रहे हैं |
| Agnikul Cosmos | छोटे सैटेलाइट्स के लिए रियूजेबल लॉन्च वाहन, 3D प्रिंटेड इंजन के साथ |
| Pixxel | कृषि, जलवायु और संसाधन निगरानी के लिए हाइपरस्पेक्ट्रल सैटेलाइट इमेजिंग |
| Sarvam AI | भारतीय भाषाओं के लिए जनरेटिव AI विकसित करना |
| Log9 Materials | EV बैटरी टेक्नोलॉजी जो जल्दी चार्ज हो और ज्यादा चले |
| Saankhya Labs | टेलीकॉम और सैटेलाइट कम्युनिकेशन के लिए सेमीकंडक्टर समाधान |
| Ather Energy | स्मार्ट फीचर्स वाली इलेक्ट्रिक स्कूटर, अब सेल्फ-ड्राइविंग टेक पर काम |
| Minus Zero | बिना HD मैप के भारतीय सड़कों के लिए सेल्फ-ड्राइविंग कार टेक्नोलॉजी |
| Nayan Technologies | AI आधारित ट्रैफिक मॉनिटरिंग और ऑटोनॉमस व्हीकल्स के लिए विज़न सिस्टम |
| Flux Auto | लॉजिस्टिक्स के लिए कमर्शियल व्हीकल्स में ऑटोनॉमी जोड़ने वाली टेक |
| Gridbots | फैक्ट्रियों और लॉजिस्टिक्स के लिए इंडस्ट्रियल रोबोट्स |
| Tonbo Imaging | रक्षा और इंडस्ट्री के लिए नाइट विज़न और थर्मल इमेजिंग तकनीक |
| Impaqt Robotics | इंडस्ट्रियल यूज के लिए प्लग-एंड-प्ले रोबोटिक प्लेटफॉर्म |
| Planys Technologies | पानी के नीचे निरीक्षण के लिए रोबोट्स |
| Astrome | हाई-स्पीड इंटरनेट के लिए स्पेस सैटेलाइट्स |
| Dhruva Space | सैटेलाइट प्लेटफॉर्म और सोलर पैनल, भारतीय स्पेस मिशनों को सपोर्ट |
| Bellatrix Aerospace | सैटेलाइट्स के लिए कम खर्च वाली स्पेस प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी |
| Qure.ai | रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी में मदद करने वाली AI मेडिकल डायग्नोस्टिक्स |
| Uniphore | कस्टमर सर्विस के लिए बातचीत करने वाला AI |
| Yellow.ai | मल्टी-लैंग्वेज कस्टमर सपोर्ट चैटबॉट्स |
| Locus | सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स में AI से ऑप्टिमाइजेशन |
| Wysa | मानसिक स्वास्थ्य के लिए AI बेस्ड चैट एजेंट |
| Entropik | कंज़्यूमर रिसर्च के लिए AI, ह्यूमन बिहेवियर को समझने वाली तकनीक |
| Avaamo | एंटरप्राइज़ सॉल्यूशंस के लिए डीप-लर्निंग AI |
| SigTuple | ब्लड, यूरिन और आंखों की जांच के लिए AI आधारित हेल्थ डायग्नोस्टिक्स |
| Arya.ai | बैंकिंग और इंश्योरेंस सेक्टर के लिए AI APIs |
| Cropin | स्मार्ट खेती के लिए AI और IoT आधारित प्लेटफॉर्म |
| NewSpace Research | ड्रोन और रोबोटिक्स आधारित एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी |
| JIFFY.ai | कंपनियों के लिए इंटेलिजेंट ऑटोमेशन सॉल्यूशंस |
| LogiNext | फील्ड सर्विस और लॉजिस्टिक्स के लिए AI व ML बेस्ड समाधान |
| Revolt Motors | AI आधारित इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल्स |
| Euler Motors | लास्ट-माइल डिलीवरी के लिए इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल्स |
| BLUSmart | इलेक्ट्रिक टैक्सी सेवा जो अपनी चार्जिंग सुविधा भी चलाती है |
| Chargeup | EV बैटरी चार्जिंग और स्वैपिंग समाधान |
| 3EV Industries | लॉजिस्टिक्स के लिए इलेक्ट्रिक हल्के कमर्शियल वाहन |
| Ati Motors | इंडस्ट्रियल क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले सेल्फ-ड्राइविंग कार्गो वाहन |
| Omnipresent Robot Tech | सर्विलांस के लिए ऑटोनॉमस ड्रोन और ग्राउंड व्हीकल्स |
| Hi-Tech Robotic Systemz | फैक्ट्रियों के लिए सेल्फ-ड्राइविंग फोर्कलिफ्ट्स और शटल्स |
| Unbox Robotics | ई-कॉमर्स में ऑर्डर सॉर्टिंग के लिए रोबोटिक्स |
| Systemantics | घरेलू रूप से बनाए गए कोबोट्स (सहयोगी रोबोट्स) |
| Invento Robotics | Mitra जैसे सर्विस रोबोट्स जो ग्राहकों से बातचीत करते हैं |
| Digantara | सैटेलाइट ट्रैकिंग से स्पेस में वस्तुओं की जानकारी देना |
| GalaxEye Space | पृथ्वी पर निगरानी के लिए मल्टी-सेंसर सैटेलाइट्स |
| Kawa Space | सैटेलाइट डेटा एनालिटिक्स से रियल-टाइम इनसाइट्स |
| Astrogate Labs | स्पेस में ऑप्टिकल कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी |
| Phot.AI | ई-कॉमर्स और डिज़ाइन के लिए AI बेस्ड फोटो जनरेशन |
| AuraML | वेयरहाउस ऑटोमेशन और ड्रोन निरीक्षण के लिए कंप्यूटर विज़न |
| Boltzmann | दवा खोज और क्लिनिकल ट्रायल्स में मदद के लिए GenAI तकनीक |
पीयूष गोयल ने स्टार्टअप महाकुंभ में देश के स्टार्टअप क्षेत्र में नवाचार की कमी बताते हुए सवाल उठाया, “क्या हम डिलिवरी बॉयज और गर्ल्स बनकर ही संतुष्ट हो जाएंगे? यह स्टार्टअप कल्चर नहीं, सिर्फ आंत्रप्रेन्योरशिप है।”
उन्होंने कहा कि भारतीय स्टार्टअप्स फूड डिलिवरी ऐप्स पर अधिक ध्यान दे रहे हैं, जिससे बेरोजगार युवाओं का सस्ते श्रमिकों की तरह उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने अपील की कि स्टार्टअप्स को देश को भविष्य के लिए तैयार करना चाहिए, ना कि छोटे-छोटे फायदों तक सीमित रहना चाहिए।
अमिताभ कांत ने इस सोच को आगे बढ़ाते हुए कहा कि भारत को तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना ही होगा। “हमें पश्चिम की टेक कॉलोनी नहीं बनना है। हमें ऊर्जा और लागत घटाने वाले नवाचारों में तेजी लानी होगी।”
पीयूष गोयल की टिप्पणियों पर Zepto के को-फाउंडर और CEO आदिल पलिचा ने लंबी पोस्ट में असहमति जताई। उन्होंने कहा कि Zepto एक स्टार्टअप है जिसने 1.5 लाख लोगों को रोजगार दिया है, और इस क्षेत्र को सिर्फ डिलिवरी ऐप्स से जोड़ना उचित नहीं।
वहीं, कुछ अन्य लोगों ने गोयल की बातों से सहमति जताते हुए भारतीय स्टार्टअप्स को चीन जैसे देशों से प्रेरणा लेने की जरूरत बताई।
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