
Pimpri-Chinchwad floods: पिछले कुछ दिनों से मुंबई और आसपास के इलाकों में हो रही लगातार तेज बारिश ने शहर की रफ्तार रोक दी। जगह-जगह पानी भर गया और लोकल ट्रेनें भी प्रभावित हुईं। वहीं, पुणे के पिंपरी-चिंचवाड़ में पवना और मुलशी डैम से पानी छोड़े जाने के बाद बाढ़ जैसी स्थिति बन गई।
पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम (PCMC) ने बताया कि अब तक 340 परिवारों के 1,127 लोगों को एहतियातन सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। प्रभावित इलाकों में भटनागर, कीवले, केशवनगर और पिंपल गुरव जैसे निचले इलाके शामिल हैं। पांच अलग-अलग रिलीफ कैंप में लोगों को शेल्टर दिया गया है।
इस बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 21 अगस्त को मुंबई उपनगर, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और पालघर जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि अलर्ट के बावजूद गुरुवार से बारिश की रफ्तार थोड़ी कम हुई है। मौसम विभाग के अनुसार मराठवाड़ा में हल्की बूंदाबांदी और दक्षिण महाराष्ट्र में मध्यम बारिश होने की संभावना है।
बुधवार सुबह तक मुलशी डैम से 22,700 क्यूसेक और पवना डैम से 11,690 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं, खड़कवासला डैम से भी लगातार 39,000 से ज्यादा क्यूसेक पानी छोड़े जाने की वजह से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
नगर आयुक्त शेखर सिंह ने राहत कैंपों का दौरा किया और व्यवस्था का जायजा लिया। स्कूलों में बने कैंपों में लोगों को खाना, पानी और मेडिकल सुविधा दी जा रही है। डॉक्टरों की टीमें हेल्थ चेकअप कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों से सिर्फ उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पीने की अपील की है।