
Bihar Next New CM: बिहार की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। बिहार में आज एक बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिल सकता है। सीएम नीतीश कुमार ने राज्यसभा में जाने की इच्छा जता दी है। राज्यसभा के चुनाव 16 मार्च को होंगे और इसी दिन नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। नीतीश कुमार के जाने के बाद बिहार की सीएम की कुर्सी खाली हो जाएगी। ऐसे मं नीतीश कुमार के इस फैसले के बाद अब चर्चा बिहार के नए मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा होने लगी है।
दावा किया जा रहा है कि नीतीश कुमार के जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी से मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। जबकि जेडीयू से दो डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं। इनमें से एक नाम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के नाम की भी चर्चा है। दूसरा नाम कौन होगा, इस पर चर्चा की जा रही है। हालांकि अभी तक इस बारे में आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। सूत्रों का कहना है कि नए सीएम की रेस में 5 नाम सबसे आगे चल रहे हैं। कौन हैं ये नाम आइए जानते हैं।
मुंगेर के लखनपुर गांव में 16 नवंबर 1968 को जन्मे सम्राट चौधरी बिहार की राजनीति का एक प्रमुख चेहरा बन चुके हैं। उनके पिता, शकुनी चौधरी, राजनीति के दिग्गज रहे हैं जो छह बार विधायक और एक बार सांसद चुने गए, जबकि उनकी माता पार्वती देवी ने तारापुर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। 1990 में राजनीति शुरू करने वाले सम्राट राबड़ी देवी और जीतन राम मांझी की सरकार में मंत्री रह चुके हैं। 2014 में राजद छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए।
सम्राट चौधरी कोइरी (कुशवाहा) जाति से आते हैं। उनकी कोइरी/कुशवाहा समाज पर मजबूत पकड़। वे बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। नीतीश कुमार को सत्ता से हटाने के लिए उन्होंने पगड़ी बांधने का संकल्प लिया था, जो काफी चर्चा में रहा था। मौजूदा समय में सम्राट चौधरी डिप्टी सीएम हैं। उनके पास वित्त, स्वास्थ्य, शहरी विकास और गृह जैसे अहम विभाग हैं। वे बीजेपी विधायक दल के नेता भी हैं और संगठन में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।
नित्यानंद राय ने हालिया लोकसभा चुनाव में राजद के आलोक मेहता को हराकर अपनी ताकत साबित की है। 1966 में जन्मे नित्यानंद राय लोकसभा पहुंचने से पहले वे बिहार की राजनीति में काफी सक्रिय रहे। साल 2000 से लेकर सांसद चुने जाने तक, वे लगातार हाजीपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में चुने जाते रहे। उन्होंने बिहार में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया है, जहां उन्होंने पार्टी के आधार को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भरोसेमंद नेता माने जाते हैं। इसी भरोसे के तहत उन्हें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जैसा अहम पद भी मिला है। बतौर सीएम केंद्रीय नेतृत्व की भी वह पसंद हो सकते हैं। उन्हे सरकार और संगठन का लंबा अनुभव है। इससे पहले बिहार के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। केंद्रीय गृ मंत्री अमित शाह कई बार कह भी चुके हैं कि नित्यानंद राय को बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। अब किसी राज्य का मुखिया बना दें तो ये भी बहुत बड़ी जिम्मेदारी होगी।
सीएम बनने की रेस में विजय सिन्हा भी पीछे नहीं हैं। बीजेपी विधायक दल के नेता होने के कारण सम्राट चौधरी उनसे आगे माने जाते हैं। हालांकि, सिन्हा अपनी आक्रामक शैली के लिए जाने जाते हैं। वो तेजस्वी यादव के खिलाफ खुलकर बोलते रहे हैं। उनका काम करने का तरीका सख्त और सीधे एक्शन लेने वाला माना जाता है। वे भ्रष्टाचार के मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को सस्पेंड करने और माफिया पर कार्रवाई की बात करते हैं।
छात्र राजनीति से बिहार के उपमुख्यमंत्री पद दोबारा हासिल करने वाले विजय कुमार सिन्हा साधारण परिवार से जुड़े हैं। 2017 में बिहार सरकार में उन्हें श्रम संसाधन मंत्री बनाया गया। 2020 में वे बिहार विधानसभा के अध्यक्ष चुने गए। इस पद पर रहते हुए उनकी छवि एक सख्त, अनुशासित नेता की रही। हालांकि राजनीतिक परिस्थितियों के कारण 2022 में उन्हें पद छोड़ना पड़ा, जिसके बाद वे नेता प्रतिपक्ष बनकर विधानसभा में सक्रिय रहे।
डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल का जन्म 3 दिसंबर 1963 को बिहार के खगड़िया जिले के गोगरी में हुआ था। इन्हें दो संतान हैं। दिलीप कुमार जायसवाल हिन्दू हैं और वे कलवार जाति (अत्यंत पिछड़ा वर्ग) से आते हैं। इन पर कोई आपराधिक मामला नहीं है। दिलीप जायसवाल 22 से अधिक वर्षों तोक बिहार भाजपा के प्रदेश कोषाध्यक्ष भी रह चुके हैं। इसके साथ ही वह राज्य की नीतीश कुमार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। वह अभी बिहार बीजेपी के अध्यक्ष भी हैं। इसके अलावा सियासी हलको में मंगल पांडे के नाम का भी जिक्र हो रहा है।
संजीव चौरासिया 2025 बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के रूप में पटना के दीघा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की है। संजीव चौरासिया की शैक्षणिक योग्यता डॉक्टरेट है।
बता दें कि बीजेपी हाईकमान अक्सर चौंकाने वाला नाम आगे करता है। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान सहित कई राज्यों में ये नजर भी आ चुका है। राजस्थान में भजनलाल, मध्य प्रदेश में मोहन यादव, हरियाणा में नायब सैनी, छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय, ओडिशा में मोहन चरण मांझी और दिल्ली में रेखा गुप्ता, ये सभी भाजपा के ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिनक नाम सीएम की रेस या चर्चा में कहीं पर नहीं था। लेकिन पार्टी ने इनके नामों का ऐलान कर सभी को चौंकाया था। इसी तरह बिहार में भी किसी नए नेता को मुख्यमंत्री बनाकर बीजेपी चौंका सकती है।
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