
Bihar Politics LIVE: बिहार के सीएम नीतीश कुमार राज्यसभा जाने का मन बना लिया है। आज उन्होंने अमित शाह की मौजूदगी में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन भर दिया है। नामांकन से कुछ देर पहले ही उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूं। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं। आइए जानते हैं कि सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन पर हर अपडेट
नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री कार्यकाल (Timeline of CM Tenures
| क्रम | शपथ ग्रहण की तिथि | कार्यकाल समाप्त | गठबंधन/पार्टी | मुख्य बिंदु |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 3 मार्च 2000 | 10 मार्च 2000 | NDA (समता पार्टी) | केवल 7 दिनों की सरकार (बहुमत की कमी) |
| 2 | 24 नवंबर 2005 | 24 नवंबर 2010 | NDA (JD-U + BJP) | 'सुशासन बाबू' की छवि की शुरुआत |
| 3 | 26 नवंबर 2010 | 17 मई 2014 | NDA (JD-U + BJP) | 2014 लोकसभा चुनाव हार के बाद इस्तीफा दिया |
| 4 | 22 फरवरी 2015 | 19 नवंबर 2015 | JD(U) | जीतन राम मांझी के बाद सत्ता वापसी |
| 5 | 20 नवंबर 2015 | 26 जुलाई 2017 | महागठबंधन (RJD+INC) | लालू यादव के साथ पहली बार गठबंधन |
| 6 | 27 जुलाई 2017 | 15 नवंबर 2020 | NDA (JD-U + BJP) | महागठबंधन छोड़ फिर BJP के साथ आए |
| 7 | 16 नवंबर 2020 | 9 अगस्त 2022 | NDA (JD-U + BJP) | सीटों की संख्या कम होने पर भी CM बने |
| 8 | 10 अगस्त 2022 | 28 जनवरी 2024 | महागठबंधन (RJD+INC) | दोबारा तेजस्वी यादव के साथ सरकार बनाई |
| 9 | 28 जनवरी 2024 | 19 नवंबर 2025 | NDA (JD-U + BJP) | फिर से पलटी मारी और NDA में लौटे |
| 10 | 20 नवंबर 2025 | वर्तमान (2026) | NDA (JD-U + BJP) | 10वीं बार शपथ लेकर इतिहास |
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितीन नवीन, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश राम ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया है। नीतीश कुमार ने बिहार को जंगलराज से मुक्ति दिलाई है। आज बिहार विकसित राज्य की श्रेणी में आने के लिए अग्रणी भूमिका में है। उनकी छवि बेदाग है। निश्चित रूप से हमारे पांचों प्रत्याशी जीतकर राज्यसभा जाएंगे।
नीतीश कुमार ने अमित शाह की मौजूदगी में राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया। गृहमंत्री शाह ने कहा कि नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय राजनीति में एंट्री कर रहे हैं। साल 2005 से आज तक उनका कार्याकल बिहार के इतिहास में स्वर्णिम पृष्ठ के रूप में लिखा जाएगा। इतना ही नहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने जंगलराज खत्म किया है। विकास को रफ्तार दी और सूबे का कायाकल्प करने में अहम भूमिका निभाई। इतने लंबे कार्यकाल में भी नीतीश कुमार पर एक दाग तक नहीं है।
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए नामांकन दाखिल करने पर कहा, "मुख्यमंत्री नीतीश कुमार संसद में राज्यसभा में आ रहे हैं तो उनका स्वागत है। बिहार के 20 वर्षों तक सीएम के रूप में नीतीश कुमार ने एतिहासिक काम किया है। जंगलराज जो लालू प्रसाद की देन थी, लूट, दादागिरी, रंगदारी, अपहरण इन सबों से निकालकर बिहार को सुशासन के रास्ते पर लेकर आया। जहां बिजली नहीं होती थी वहां पर हर गांव में बिजली है, सड़के हैं और नरेंद्र मोदी ने पीएम के रूप में बिहार का और विकास किया। आज बिहार एक अच्छे सुशासित प्रदेश के रूप में जाना जाता है। नीतीश कुमार दिल्ली आकर भारत की राजनीति में और सक्रिय हो यही मेरी शुमकामनाएं हैं।
बीजेपी हाईकमान अक्सर चौंकाने वाला नाम आगे करता है। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान सहित कई राज्यों में ये नजर भी आ चुका है। राजस्थान में भजनलाल, मध्य प्रदेश में मोहन यादव, हरियाणा में नायब सैनी, छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय, ओडिशा में मोहन चरण मांझी और दिल्ली में रेखा गुप्ता, ये सभी भाजपा के ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिनक नाम सीएम की रेस या चर्चा में कहीं पर नहीं था। लेकिन पार्टी ने इनके नामों का ऐलान कर सभी को चौंकाया था। इसी तरह बिहार में भी किसी नए नेता को मुख्यमंत्री बनाकर बीजेपी चौंका सकती है।
JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने दावा किया कि ये नीतीश कुमार का अपना फैसला है और किसी के दबाव में नहीं लिया गया है। मुख्यमंत्री पद पर दावे के सवाल पर कहा कि हर पार्टी चाहती है कि उसका मुख्यमंत्री बने लेकिन गठबंधन फ़ैसला लेगी।
सहारनपुर, उत्तर प्रदेश: आज़ाद समाज पार्टी-कांशीराम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चन्द्र शेखर आज़ाद ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ट्वीट पर कहा, "वो (राज्यसभा सांसद)बनना चाह रहे हैं या बनने पर मजबूर किया जा रहा है, यह दोनों चीजें समझनी होंगी। बिहार की जनता ने नीतीश कुमार के चेहरे पर वोट किया है...भाजपा की यह इच्छा थी कि वो बिहार में भी अपना मुख्यमंत्री बनाएं...उनको(नीतीश कुमार) जबरन मुख्यमंत्री पद से हटाया जा रहा है। यह बिहार की जनता के साथ बड़ा धोखा है।
बिहार की सियासत में बड़े बदलाव का दौर जारी है। राज्य के सीएम नीतीश कुमार अब राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं। हालांकि वे 10 अप्रैल तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे। चूंकि राज्यसभा का मौजूदा कार्यकाल भी 10 अप्रैल तक है, इसलिए ट्रांजिशन (बदलाव) की प्रक्रिया को बेहद सलीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। फिलहाल, नई सरकार और नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर एनडीए गठबंधन में कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई जा रही है।
केंद्रीय मंत्री और NDA के राज्यसभा उम्मीदवार राम नाथ ठाकुर ने कहा कि पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी, वो बहुत अच्छा काम किया है। हम उसके लिए कृतज्ञता ज्ञापित करते हैं।
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन करने के बाद नितिन नवीन ने एक्स पर लिखा कि आज राज्यसभा के लिए नामांकन प्रस्तुत करते हुए मन स्वाभाविक रूप से उस लंबी यात्रा को याद कर रहा है, जिसे हमने आप सबके साथ मिलकर तय किया है।मुझे पटना पश्चिम (बांकीपुर) की जनता ने हाथ पकड़कर चलना सिखाया है। पिछले दो दशकों से अधिक समय से आपने जो विश्वास और स्नेह दिया है, उसी के बल पर मुझे बिहार सरकार में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए राज्य और समाज की सेवा करने का अवसर मिला, जिसे मैंने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने का प्रयास किया है।
आज राज्यसभा के लिए नामांकन करते हुए मन में वही जिम्मेदारी और सेवा का संकल्प है। मैं विश्वास दिलाता हूं कि बांकीपुर की जनता के साथ मेरा यह आत्मीय संबंध आगे भी इसी विश्वास और समर्पण के साथ बना रहेगा, और हम सब मिलकर विकसित बिहार के संकल्प को आगे बढ़ाते रहेंगे।आपका विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति है।
आम आदमी पार्टी (आप) ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजने के पीछे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का क्षेत्रीय दलों को खत्म करने की साजिश का एक और उदाहरण बताया है। सौरभ भारद्वाज ने गुरुवार को कहा कि ऐसा कोई सगा नहीं, जिसको भाजपा ने ठगा नहीं। जिसकी उंगली पकड़ कर भाजपा नए राज्य में घुसी, उसकी ही पार्टी को दीमक की तरह अंदर से ख़त्म कर दिया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसके ताजा उदाहरण हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज मैं पटना में नितिन नवीन-राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा, नीतीश कुमार-बिहार के मुख्यमंत्री , रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश कुमार के राज्यसभा नामांकन के लिए यहां पर आया हूं।नितिन नवीन राज्य में लंबे समय तक यशश्वी राजनीति करने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं और अब वो राज्यसभा के माध्यम से संसद में भी अपना योगदान देंगे। हम सब NDA के सदस्य, भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ता नितिन नवीन का राष्ट्रीय राजनीति में और संसद में स्वागत करते हैं।
JDU नेता राजीव रंजन प्रसाद ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ट्वीट पर कहा कि बिहार के लिए ये शानदार दूरदर्शन है। आधारभूत संरचना से लेकर, आम लोगों के जीवन की बेहतरी के लिए एक दूरदर्शी नेता के तौर पर नीतीश कुमार ने सोचा और उसे जमीन पर उतारा। नीतीश कुमार के योगदान की चर्चा दशकों तक होती रहेगी और ये फैसला उन्होंने लिया। कार्यकर्ताओं के लिए इस फैसले को आत्मसात करना बहुत सहज नहीं है लेकिन उन्होंने अपनी भावनाएं एक्स पर रखी हैं और निःसंदेह जब एक दृढ़निश्चयी नेता के तौर पर जब वे फैसले लेते हैं तो उस फैसले को अमलीजामा पहनाते हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर राज्य के खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने स्वयं सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपनी इच्छा जताई है कि वे राज्यसभा जाना चाहते हैं। अब बिहार में नई सरकार का गठन होगा।वहीं, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री पर उन्होंने कहा किनिशांत कुमार को बहुत पहले ही राजनीति में आ जाना चाहिए था। यह अच्छी बात है कि वे अब आ रहे हैं, उनका स्वागत है।
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राज्यसभा चुनाव के नामांकन के लिए पर्चा भर दिया है।
RJD नेता शक्ति सिंह यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कहा कि एक मुख्यमंत्री जो 202 की संख्या पर जीतकर आया हो और उस मुख्यमंत्री को धक्का देकर राज्यसभा में जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है कि आप मुख्यमंत्री पद छोड़ दीजिए, आपका काम समाप्त हो चुका है। जनता दल में कई खंड हैं। इस खंड के खिलाफ कई लोग हैं, उनके कार्यकर्ता आक्रोशित हैं। नीतीश कुमार के लिए राज्यसभा क्या था? वे जब चाहते चले जाते, जो नीतीश कुमार के साथ हुआ, ये 'महाराष्ट्र मॉडल' का नया वर्जन है। वे बजट सत्र तक पार नहीं कर पाए।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ट्वीट पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि ये तो समझ नहीं आ रहा कि आपने चुनाव लड़ा, अपने चेहरे पर लड़ा, वोट बटोर लिए, जनता ने आपको चुनकर भेजा। नीतीश कुमार ने पहले भी कई बार अपना मन बदला है। कभी इस पाले में या कभी उस पाले में। अब सुनने में आ रहा है कि वे दिल्ली आ रहे हैं, जो कुछ भी हो रहा है ये जनता को धोखे में रख कर किया गया है। अगर आप 6 महीने पहले बोल देते कि आपको राज्यसभा में जाना है तो हो सकता है कि बिहार चुनाव के परिणाम कुछ और आते।
बिहार से राज्यसभा की पांच सीट के लिए 16 मार्च को मतदान होना है और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि बृहस्पतिवार है।राज्य विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए कुमार का संसद के उच्च सदन के लिए निर्वाचित होना लगभग तय माना जा रहा है।सुबह से ही बड़ी संख्या में जदयू कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं और कुमार के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं।
नीतीश कुमार वर्ष 2005 से अब तक रिकॉर्ड 10 बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में नए मुख्यमंत्री और राज्य की नयी सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा।
बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ट्वीट पर कहा कि आज मुख्यमंत्री ने ट्वीट करके बताया कि राज्यसभा एक सदन ऐसा था जिसके वे सदस्य नहीं बने थे तो उनकी प्रबल इच्छा थी कि वे राज्यसभा के सदस्य बने। उन्होंने कहा है कि विकसित बिहार के सपने को पूरा करने के लिए उनकी ओर से हर समय बिहार सरकार को मदद रहेगी।
कांग्रेस नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ट्वीट पर कहा कि हम चुनाव प्रचार के दौरान भी ये बात कहते थे कि जो भाजपा की राजनीतिक रणनीति रही है, उससे ये समझा जा सकता था। उसी राजनीतिक प्रक्रिया के तहत उन्हें(नीतीश कुमार) भी राज्यसभा में भेजा जा रहा है।
RJD नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ट्वीट पर कहा कि हमें इस बारे में पहले ही पता था। 28 जनवरी 2024 को जब हमने ये बात कही थी कि जदयू खत्म हो जाएगी लेकिन भाजपा जो 400 सीटों की बात करती थी, उसके अनुसार उनका नतीजा नहीं आया इसलिए इसमें 1 साल की देरी हो गई। नहीं तो वे पहले ही उन्हें(JDU) खत्म कर देते।उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र में जो हुआ, एकनाथ शिंदे को आगे करके भाजपा ने अपना मुख्यमंत्री बनाया। उसी नीति को उन्होंने यहां भी रिफाइंड तरीके से लागू किया।
कांग्रेस ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राज्यसभा जाने की तैयारी की घोषणा के बाद बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा तख्ता पलट किया गया है और यह जनता के साथ विश्वासघात है।
बिहार के उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से राज्यसभा चुनाव के लिये उम्मीदवार घोषित किए जाने पर बधाई दी है। श्री चौधरी ने एक्स पर लिखा, मुख्यमंत्री श्री कुमार को राज्यसभा चुनाव -2026 के लिये जद यू से उम्मीदवार घोषित किए जाने पर अनंत बधाई एवं शुभकामनाएं।
बिहार के सीएम नीतीश कुमार आज भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन संग अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। उनके इस खास मौके पर खुद अमित शाह पटना पहुंच गए हैं।
RJD नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ट्वीट पर कहा कि सब जानते हैं कि बिहार के चुनाव में NDA ने ये नारा दिया था कि '2025 से 30 फिर से नीतीश'। भाजपा और NDA के घटक दल जानते हैं कि किस प्रकार से तंत्र-मंत्र और पूरा सिस्टम लगाकर चुनाव हुआ। उस समय में भी हमने कहा था कि भाजपा के लोगों ने नीतीश कुमार को 'हाईजैक' कर लिया है और उन्हें दोबारा कुर्सी पर बैठने नहीं देंगे। हमने कहा था कि वे 6 महीने से ज्यादा कुर्सी पर नहीं रहेंगे... भाजपा जिसके साथ भी रही है उसे बर्बाद करने का काम किया है। भाजपा OBC, दलित और आदिवासी विरोधी पार्टी है। वे(भाजपा) नहीं चाहते हैं कि बिहार में ऐसा नेता रहे जो OBC या दलित की बात करता हो, वे तो कोई 'रबड़ स्टांप मुख्यमंत्री' चाहते हैं। ये जो सत्ता परिवर्तन हो रहा है, ये जन भावनाओं के खिलाफ है। लोग भाजपा के चाल-चरित्र को जानते हैं। हमने नीतीश कुमार के साथ भी काम किया है लेकिन ज्यादातर हम विपक्ष में गए थे। 28 जनवरी 2024 में जब वे(JDU) हमारा साथ छोड़कर गए थे, तब भी हमने कहा था कि भाजपा जो है वो उन्हें समाप्त करेगी। हमारी पूरी सहानुभूति है उनके प्रति, उन्होंने बिहार की जो सेवा की, उसके लिए हम उन्हें धन्यवाद भी देना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की घोषणा पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि उन्होंने पहले भी राज्यसभा का हिस्सा बनने की इच्छा जताई थी। वे तीनों सदनों-विधान परिषद, विधान सभा और लोकसभा-के माध्यम से जनता की सेवा कर चुके हैं।
राजद नेता मनोज कुमार झा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ट्वीट पर कहा कि तमाम बातें अपनी जगह, ये नीतीश कुमार की भाषा नहीं है। विरोध और समर्थन दोनों में हम उनके साथ रहे हैं। ये ट्वीट दिल्ली में लिखा गया है। कितना बचकाना लगता है ये सुनना भी, ये कोई बात हुई? सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि मैं राज्यसभा में जाना चाहता हूं, इसकी गूंज कई वर्षों तक रहेगी। हम(राजद) राजनीतिक तौर पर संघर्ष करेंगे। बिहार की धरती में इस तरह के प्रयोग महाराष्ट्र की तरह सफल हो जाएंगे, इसकी मुझे शंका है।
JDU नेता के.सी. त्यागी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ट्वीट पर कहा कि नीतीश युग का कभी अंत नहीं हो सकता। उन्होंने नया बिहार बनाया है। जैसे कर्पुरी ठाकुर और चौधरी चरण सिंह जिंदा है, ऐसे ही युग-युग तक नीतीश कुमार भी याद किए जाएंगे... जाहिर है कि इससे सदन की भी गरिमा बढ़ेगी, बहस का स्तर ऊंचा होगा और यूं भी ख्याति व अच्छे बौद्धिक ज्ञान के चलते उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद का पुरस्कार भी मिला था।
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, तथा उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है।
संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूं। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं।
मैं आपको पूरी ईमानदारी से विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि आपके साथ मेरा यह संबंध भविष्य में भी बना रहेगा एवं आपके साथ मिलकर एक विकसित बिहार बनाने का संकल्प पूर्ववत कायम रहेगा। जो नई सरकार बनेगी उसको मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा।