जब मशहूर संगीतकार एआर रहमान ने सांप्रदायिकता का विवाद छेड़ दिया है, तभी मुस्लिम समुदाय की एक अन्य बड़ी शख्सियत ने कहा है कि मुसलमानों का सबसे अच्छा दोस्त हिंदुओं को बताया है। ये शख्सियत कोई और नहीं बल्कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन हैं। उन्होंने मुस्लिम समुदाय की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में मुसलमानों के लिए हिंदुस्तान को सबसे अच्छा देश और हिंदुओं को सबसे अच्छा दोस्त बताया।
एआर रहमान के बयान पर छिड़ी बहस के बीच शाहनवाज हुसैन ने कही बड़ी बात
शाहनवाज हुसैन ने मुस्लिम समुदाय में शादियों को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने उस कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए कहा कि जिस तरह हिंदुस्तान से अच्छा देश और हिंदुओं से अच्छा दोस्त नहीं हो सकता, उसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अच्छा नेता भी कोई नहीं है। हुसैन ने अपने संबोधन का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है।
एआर रहमान ने इंटरव्यू में कहा क्या था, जानिए
ध्यान रहे कि अपने शानदार म्यूजिक कंपोजिशन से देश-दुनिया में नाम कमाने वाले एआर रहमान ने 14 फरवरी को बीबीसी रेडियो को दिए इंटरव्यू में कुछ ऐसी बातें कहीं जिन पर बड़ी बहस छिड़ गई। उनके कहने का लब्बोलुआब यही निकाला जा रहा है कि उन्हें आठ वर्षों से काम नहीं मिल रहा है क्योंकि देश की सत्ता बदलने से सांप्रदायिकता का बोलबाला हो गया है।
लोगों ने रहमान से पूछा- बीजेपी सरकार ने पांच नैशनल अवॉर्ड कैसे दे दिए?
बड़े पैमाने पर लोगों ने रहमान के इस नजरिए से असहमति जताते हुए कहा है कि काम मिलना या नहीं मिलना पूरी तरह टैलेंट और अवसरों की उपलब्धता पर निर्भर है ना कि हिंदू या मुसलमान होने पर। लोगों ने कहा कि जिस रहमान ने जिस बीजेपी सरकार और उसके शासन में देश में मुसलमानों के लिए अवरोध खड़े करने का आरोप लगाया है, उसी ने रहमान को सात-सात बार राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा है।