सर्दियों की सुबह गरमा-गरम पराठों के बिना अधूरी सी लगती है। लेकिन पारंपरिक पराठे, जो ज़्यादातर मैदे से बनते हैं, भारी होते हैं, इनमें फाइबर कम होता है और ग्लूटेन से संवेदनशील लोगों के लिए ये ठीक नहीं होते। ऐसे में जो लोग स्वाद के साथ सेहत का भी ध्यान रखना चाहते हैं, उनके लिए एक हेल्दी विकल्प मौजूद है। यह विंटर स्पेशल पराठा मैदे की जगह पौष्टिक और ग्लूटेन-फ्री सामग्री से बनाया जाता है, जो ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद करता है और वजन कंट्रोल करने में भी सहायक हो सकता है।
होलीस्टिक हेल्थ न्यूट्रिशनिस्ट और डायबिटीज़ एजुकेटर खुशी छाबड़ा ने अपनी विंटर स्पेशल पराठा रेसिपी शेयर की है। यह पराठा पूरी तरह ग्लूटेन-फ्री है और इसमें फाइबर व कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में होते हैं, जो धीरे-धीरे पचते हैं और ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद करते हैं। 14 दिसंबर को इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में उन्होंने ज्वार-मेथी-मूली पराठे की रेसिपी बताई है, जिसमें बिल्कुल भी मैदा नहीं है। यह सर्दियों के नाश्ते के लिए एक बेहतरीन और हेल्दी विकल्प हो सकता है।
बनाने की विधि
- कद्दूकस की हुई मूली का अतिरिक्त पानी निचोड़ लें।
- एक बड़े बर्तन में ज्वार का आटा, मेथी, मूली, अजवाइन, जीरा, हल्दी और सभी मसाले डालें।
- मूली की नमी और थोड़ा सा दही या गुनगुना पानी डालकर नरम आटा गूंथ लें।
- आटे का एक हिस्सा लें और हथेलियों से दबाकर या बटर पेपर के बीच रखकर गोल पराठा बनाएं।
- गरम तवे पर घी या तेल लगाकर पराठे को दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंक लें।
- दही या पुदीने की चटनी के साथ परोसें।
इससे सेहत को क्या होते हैं फायदे?
खुशी का ज्वार-मेथी-मूली पराठा ग्लूटेन-फ्री होने के साथ-साथ फाइबर और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट से भरपूर है। यह धीरे-धीरे पचता है, जिससे ब्लड शुगर संतुलित रहती है और वजन कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
खुशी बताती हैं, “यह ज्वार-मेथी-मूली पराठा फाइबर से भरपूर है, सूजन को कम करने में मदद करता है और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है। मेथी ब्लड शुगर को संतुलित करती है, ज्वार ग्लूटेन-फ्री कॉम्प्लेक्स कार्ब्स देता है और मूली शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करती है।”
इसके अलावा, वह पराठा बनाने के लिए अच्छी गुणवत्ता का घी इस्तेमाल करने की सलाह देती हैं। घी में मौजूद ब्यूटिरिक एसिड जैसे हेल्दी फैट्स कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को धीमा करते हैं, जिससे ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ती।