जब मोटापे की बात होती है, तो अक्सर इसका कारण आनुवंशिकी (जेनेटिक्स), प्रेरणा की कमी या व्यक्तिगत अनुशासन को माना जाता है। लेकिन हेल्थ कोच डैन गो का मानना है कि जिस माहौल में लोग रहते हैं, उसका प्रभाव कहीं अधिक बड़ा हो सकता है।
14 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की गई एक पोस्ट में डैन गो ने जापान और अमेरिका के मोटापे के आंकड़ों की तुलना की। उनका कहना था कि स्वस्थ रहना केवल मजबूत इच्छाशक्ति का मामला नहीं है, बल्कि उन व्यवस्थाओं और आदतों का परिणाम है जिनसे लोग रोजाना जुड़े रहते हैं।
स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाली व्यवस्था
डैन गो के अनुसार, जापान में मोटापे की दर लगभग 6 प्रतिशत है, जबकि अमेरिका में यह करीब 43 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि जापान की यात्रा के दौरान उन्हें यह अंतर साफ दिखाई दिया।
उन्होंने लिखा, "मैंने इसे अपनी आंखों से देखा। जापान में दो हफ्ते रहने के दौरान मुझे बहुत कम लोग अधिक वजन वाले दिखे। ऐसा इसलिए नहीं था कि वे लगातार डाइटिंग कर रहे थे, बल्कि इसलिए क्योंकि उनका जीवन जीने का तरीका अलग है।"
डैन के मुताबिक, जापान में रोजमर्रा की जिंदगी लोगों को स्वाभाविक रूप से सक्रिय रहने और बेहतर भोजन करने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने कहा, "वहां लोग हर जगह पैदल चलते हैं।"
उन्होंने भोजन संस्कृति का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, जापान में फास्ट फूड भी अपेक्षाकृत स्वस्थ होता है, जिसमें संपूर्ण खाद्य पदार्थ, फर्मेंटेड चीजें, अधिक प्रोटीन और भरपूर फाइबर शामिल होते हैं।
उन्होंने लिखा, "वहां का भोजन असली और पौष्टिक खाद्य पदार्थों पर आधारित होता है। स्वस्थ खाना खाने के लिए लोगों को विशेष अनुशासन की जरूरत नहीं पड़ती।"
डैन का कहना है कि इस तरह के वातावरण में लोगों को लगातार डाइट या कैलोरी गिनने की चिंता नहीं करनी पड़ती।
"कोई मैक्रो नहीं गिन रहा था, कोई मील प्लानिंग ऐप इस्तेमाल नहीं कर रहा था," उन्होंने कहा। उनके अनुसार, लोग बस ऐसे सिस्टम में रहते हैं जहां फिट और स्वस्थ रहना आसान होता है।
आपका पता (ZIP Code) भी तय कर सकता है स्वास्थ्य
डैन ने इस तुलना के जरिए तथाकथित "ओबेसोजेनिक एनवायरनमेंट" यानी ऐसे वातावरण की ओर ध्यान दिलाया जो मोटापे को बढ़ावा देता है।
उनका कहना है कि कई आधुनिक पश्चिमी देशों में जीवनशैली ऐसी बन गई है जो वजन बढ़ाने की संभावना को बढ़ाती है। उदाहरण के तौर पर:
- कारों पर अत्यधिक निर्भरता
- ऐसे शहर और कॉलोनियां जहां पैदल चलना मुश्किल हो
- अत्यधिक प्रोसेस्ड और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों की आसान उपलब्धता
ये सभी बातें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने को कठिन बना सकती हैं, चाहे किसी व्यक्ति की मंशा कितनी भी अच्छी क्यों न हो।
डैन ने लिखा, "इस सूची में सबसे अधिक मोटापे वाले देशों में एक जैसी बातें दिखाई देती हैं—कार संस्कृति, प्रोसेस्ड फूड की आसान उपलब्धता और कम शारीरिक गतिविधि। आपका ZIP कोड (आप कहां रहते हैं) कई बार आपके डीएनए से भी ज्यादा आपके स्वास्थ्य की भविष्यवाणी कर सकता है।"
इस विचार से कई लोग सहमत दिखे क्योंकि यह मोटापे की चर्चा को केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी तक सीमित नहीं रखता, बल्कि आसपास के माहौल की भूमिका को भी सामने लाता है।
अपना स्वस्थ वातावरण खुद बनाएं
डैन मानते हैं कि किसी देश की पूरी व्यवस्था या इंफ्रास्ट्रक्चर को बदलना आसान नहीं है। लेकिन लोग अपने आसपास के माहौल में छोटे-छोटे बदलाव जरूर कर सकते हैं।
उन्होंने स्वीकार किया कि हर कोई जापान जैसे देश में जाकर नहीं रह सकता। इसके बजाय, उन्होंने लोगों को उन आदतों और व्यवस्थाओं पर ध्यान देने की सलाह दी जिन्हें वे खुद नियंत्रित कर सकते हैं।