Vishnu Ji Ki Hindi Aarti: हिंदू धर्म में एकादशी का बड़ा महत्व है। मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन व्रत रखने से भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है। इसके साथ ही घर में संपन्नता भी रहती है। हर महीने में दो बार एकादशी का व्रत पड़ता है। आज की एकादशी को पापमोचनी एकादशी कहा जाता है। ऐसे में आज विधिपूर्वक भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से भगवान विष्णु की आरती भी गानी चाहिए। आरती के बिना हर पूरा अधूरी मानी जाती है।
भगवान विष्णु जी की आरती (Aarti Shree Vishnu Ji Ki in Hindi)
॥ विष्णु जी की आरती ॥
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी ! जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥
जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का।
सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥
मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ मैं किसकी।
स्वामी शरण गहूँ मैं किसकी।
तुम बिन और न दूजा, आस करूँ जिसकी॥
तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी।
पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी॥
तुम करुणा के सागर, तुम पालन-कर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूँ दयामय, तुमको मैं कुमति॥
दीनबन्धु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥
विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, सन्तन की सेवा॥
श्री जगदीशजी की आरती, जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी, सुख संपत्ति पावे॥