Shiv Ji Aarti in Hindi: ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा। भगवान शिव की आरती उनकी महिमा का गुणगान करती है। इसे गाने से मन को शांति, आत्मा को शक्ति और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। आज महाशिवरात्रि के दिन अगर आपने व्रत रखा है या भोले बाबा की पूजा की है, तो उनकी आरती जरूर गानी चाहिए। अगर आपको भगवान शिव की आरती याद नहीं है, तो हम आपके लिए उनकी आरती लाए हैं। यहां हिंदी में भगवान शिव की आरती पढ़ें।
शिवजी की आरती 'ॐ जय शिव ओंकारा' | Om Jai Shiv Omkara Lyrics in Hindi
ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे।
हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥
दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखत त्रिभुवन जन मोहे॥
अक्षमाला वनमाला मुण्डमालाधारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघंबर अंगे।
सनकादिक गरुड़ादिक भूतादिक संगे॥
कर के मध्य कमण्डल चक्र त्रिशूलधारी।
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता॥
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
प्रणवाक्षर के मध्ये ये तीनों एका॥
पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा।
भांग धतूरे का भोजन, भस्मी में वासा॥
जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला।
शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला॥
काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी॥
त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी, मनवान्छित फल पावे॥
ओम जय शिव ओंकारा॥ स्वामी ओम जय शिव ओंकारा॥
महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक कब करें?
महाशिवरात्रि के दिन आप किसी भी समय रुद्राभिषेक कर सकते हैं। लेकिन यदि आप इसे शुभ मुहूर्त में करना चाहते हैं, तो रुद्राभिषेक का विशेष समय रात 12 बजकर 9 मिनट से लेकर रात 1 बजकर 1 मिनट तक रहेगा।