
ओमान सल्तनत ने इस साल रमजान की शुरुआत की तारीख आधिकारिक रूप से घोषित करने वाला पहला देश बनकर एक अहम और शुरुआती फैसला लिया है। बुधवार को यह घोषणा देश की मुख्य चांद देखने वाली समिति ने की, जो धार्मिक मामलों और वक्फ मंत्रालय (MERA) के तहत काम करती है।
घोषणा के अनुसार, 1447 हिजरी का पहला रोजा गुरुवार, 19 फरवरी 2026 से शुरू होगा। इससे नागरिकों और निवासियों को इबादत और तैयारियों के लिए पहले से स्पष्ट जानकारी मिल गई है।
यह फैसला खगोलीय आंकड़ों और पारंपरिक चांद देखने की प्रक्रिया, दोनों के आधार पर लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार, 17 फरवरी को नया चांद दिखाई देना संभव नहीं था। कारण यह था कि उस दिन चांद ओमान में सूरज डूबने से पहले ही अस्त हो रहा था, जिससे उसे देख पाना असंभव था।
चूंकि चांद नजर नहीं आया, इसलिए इस्लामी महीना शाबान अपने पूरे 30 दिन बुधवार, 18 फरवरी को पूरा करेगा। इसके बाद गुरुवार, 19 फरवरी से रमजान शुरू होगा। ओमान खाड़ी देशों में सबसे पहले तारीख तय करने वाले देशों में शामिल हो गया है, जहां विज्ञान और धार्मिक परंपरा दोनों का संतुलन रखा गया।
इस्लामी कैलेंडर में नया महीना 29वें दिन के बाद सूर्यास्त के समय चांद दिखने पर शुरू होता है। अगर चांद दिखाई नहीं देता, तो मौजूदा महीना 30 दिन का पूरा किया जाता है।
इस बार खगोलविदों ने पहले ही चांद की स्थिति और उसके दिखने की संभावना का आकलन कर लिया था। 17 फरवरी को चांद जल्दी डूब जाने के कारण उसके दिखने की संभावना नहीं थी। इसलिए अधिकारियों ने भरोसे के साथ 19 फरवरी को पहला रोजा घोषित किया।
यूएई समेत खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों में भी 19 फरवरी को ही रमजान शुरू होने की संभावना जताई गई है, हालांकि वहां अंतिम फैसला स्थानीय चांद देखने पर निर्भर करेगा।
तारीख की घोषणा के साथ ही काम के घंटों में बदलाव भी किया गया है। श्रम मंत्रालय ने रोजेदारों की सुविधा के लिए कार्य समय कम करने की घोषणा की है।
सरकारी दफ्तरों में रोजाना पांच घंटे लगातार काम होगा, आमतौर पर सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक। कुछ विभाग सुबह 7 बजे से भी काम शुरू कर सकते हैं, लेकिन कुल समय पांच घंटे ही रहेगा।
निजी क्षेत्र में मुस्लिम कर्मचारियों के लिए रोजाना अधिकतम छह घंटे और सप्ताह में 30 घंटे की सीमा तय की गई है। इसका मकसद रोजे के दौरान शारीरिक थकान कम करना और कामकाज को संतुलित रखना है।
जैसे-जैसे तारीख नजदीक आ रही है, माहौल में बदलाव साफ दिखने लगा है। सड़कों, घरों और मस्जिदों में रमजान की रौनक नजर आने लगी है। बाजारों में खास सामान सजने लगा है और लोगों की बातचीत इफ्तार के खाने और नमाज के समय को लेकर होने लगी है। सुल्तान हैथम बिन तारिक ने नागरिकों और पूरी मुस्लिम दुनिया को शुभकामनाएं दीं और एक शांतिपूर्ण और बरकत वाले महीने की दुआ की।
सरकारी घोषणाओं के अलावा, तैयारियां समाज के स्तर पर भी जोरों पर हैं। चैरिटी अभियान तेज हो रहे हैं, मोहल्लों में सामूहिक इफ्तार की योजनाएं बन रही हैं और मस्जिदें तरावीह की नमाज के लिए तैयार हो रही हैं। परिवार मिलकर खाने की योजना बना रहे हैं, जबकि रेस्तरां और होटल रात की भीड़ के लिए तैयारी कर रहे हैं। तय की गई तारीख ने सभी को एक साथ तैयारी करने और इस पवित्र महीने का स्वागत करने का अवसर दे दिया है।
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