Operation Sindoor: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकियों के ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की थी। शनिवार को भारतीय वायुसेना के उप प्रमुख एयर मार्शल नरमदेश्वर तिवारी ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ा नया वीडियो और जानकारी साझा की, जिससे इस ऐतिहासिक ऑपरेशन की पूरी रणनीति सामने आई।
ऑपरेशन सिंदूर: कम हथियारों में बड़ा असर
एयर मार्शल तिवारी ने NDTV डिफेन्स समिट में बताया कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान को समझौते की मेज पर लाने के लिए 50 से कम हथियारों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, “हमारे पास कई टारगेट ऑप्शन्स थे, लेकिन अंत में हमने नौ महत्वपूर्ण लक्ष्य चुने। कम हथियारों में ही हम संघर्ष समाप्ति तक पहुंच गए।”
कैसे हुई प्लानिंग
एयर मार्शल तिवारी ने बताया कि पहलगाम हमले के अगले ही दिन, तीनों सेनाओं ने अपने मुख्यालय में बैठक कर ऑपरेशन की संभावनाओं पर बात की। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के लिए सभी संभावित विकल्प 24 अप्रैल को उच्च स्तरीय टीम के सामने रखे गए। 29 अप्रैल को लक्ष्यों की अंतिम सूची बनाई गई और 5 मई को हमले की तारीख तय हुई। 6, 7 और 9 मई की सुबह वायुसेना ने चुने गए लक्ष्यों पर सटीक वार किया।
दिल्ली के निर्देश और उद्देश्य
नए दिल्ली के शीर्ष निर्देशों में तीन मुख्य लक्ष्य थे- जवाबी हमला तेज और स्पष्ट हो, संदेश भविष्य के हमलों को रोकने वाला होना चाहिए, और सशस्त्र बलों को पूरी आजादी हो ताकि किसी भी बड़े संघर्ष के लिए वे तैयार रहें।
भारत-पाक सीमा पर कार्रवाई
7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए गए। इसके बाद पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की, जिसे भारतीय सेनाओं ने पूरी ताकत से रोक दिया। चार दिन की इस जंग के बाद 10 मई को दोनों देशों के बीच समझौता हुआ और संघर्ष समाप्त हुआ।