Donald Trump Gaza peace plan updates: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गाजा में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय शांति सेना में शामिल होने पर विचार करने के लिए पाकिस्तान का आभार जताया है। हालांकि, रुबियो ने यह भी साफ किया कि अभी तक सेना भेजने को लेकर कोई पक्का वादा या समझौता नहीं हुआ है। साल के अंत में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रुबियो ने कहा कि अमेरिका को भरोसा है कि कई देश इस मिशन का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं और वे सभी पक्षों को स्वीकार्य होंगे।
पाकिस्तान की सेना पर वॉशिंगटन का बढ़ता दबाव
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका गाजा मिशन के लिए सेना भेजने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बना रहा है। यह पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर के लिए एक बड़ी परीक्षा जैसा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने पिछले महीने संकेत दिया था कि वे शांति सेना में योगदान देने पर विचार कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि हमास को निहत्था करना पाकिस्तान का काम नहीं है। माना जा रहा है कि जनरल मुनीर जल्द ही अमेरिका जाकर डोनाल्ड ट्रंप से इस मुद्दे पर चर्चा कर सकते हैं।
क्या है ट्रंप का 'बोर्ड ऑफ पीस' प्लान?
डोनाल्ड ट्रंप की गाजा शांति योजना के तहत एक 'बोर्ड ऑफ पीस' बनाने का प्रस्ताव है। यह बोर्ड दो साल के युद्ध के बाद गाजा की निगरानी करेगा। मार्को रुबियो ने बताया कि इस योजना को जमीन पर उतारने में कई राजनीतिक और तकनीकी चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि जब एक बार बोर्ड और फिलस्तीनी विशेषज्ञों की सरकार बन जाएगी, तब शांति सेना की भूमिका, उनके खर्च और नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
हम पाकिस्तान के इसके लिए बहुत शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने इसका हिस्सा बनने का ऑफर दिया, या कम से कम इसका हिस्सा बनने पर विचार करने पर सहमत हुए। मुझे लगता है कि किसी से पक्का वादा करने के लिए कहने से पहले हमें उन्हें कुछ और जवाब देने चाहिए। लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि इस लड़ाई में सभी पक्षों को मंजूर कई देश हैं जो आगे आकर उस स्टेबिलाइजेशन फोर्स का हिस्सा बनने को तैयार हैं।- मार्को रूबियो, विदेश मंत्री, अमेरिका
मियामी में चल रही है बड़ी मीटिंग्स
गाजा और रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर मियामी में हाई-लेवल बैठकें हो रही हैं। इन बैठकों में डोनाल्ड ट्रंप के करीबी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल हैं। वे मिस्र, तुर्की और कतर के अधिकारियों के साथ मिलकर युद्ध खत्म करने के रास्तों पर चर्चा कर रहे हैं। इस बीच मार्को रुबियो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की भूमिका भी निभा रहे हैं और ट्रंप के 'अमेरिका फर्स्ट' एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं।