Soya Chunks vs Paneer: सर्दियों के मौसम में शरीर को एनर्जी और गर्माहट दोनों की जरूरत होती है, इसलिए लोग इस सीजन में हेल्दी और प्रोटीन से भरपूर चीजें खाने पर जोर देते हैं। ऐसे में कुछ लोग मांस और अंडे नहीं खाते हैं, उनके लिए पनीर और सोया चंक्स दो सबसे पॉपुलर ऑप्शन हैं। लेकिन सवाल यही उठता है कि अगर तेजी से वजन घटाने के लिए इनमें से कौन है बेहतर?
अगर बात सिर्फ प्रोटीन की हो, तो यहां सोया चंक्स साफ बढ़त लेते हैं। 100 ग्राम सोया चंक्स में करीब 52 ग्राम तक प्रोटीन होता है, जबकि इतनी ही मात्रा में पनीर में सिर्फ 18–20 ग्राम प्रोटीन मिलता है। यही वजह है कि फिटनेस फ्रीक लोग और जिम जाने वाले अक्सर सोया को डाइट में ज्यादा शामिल करते हैं।
पनीर में ज्यादा होता है फैट
पनीर स्वाद में लाजवाब है, लेकिन इसमें फैट भी सोया की तुलना में कहीं ज्यादा होता है। खासतौर पर फुल-फैट पनीर वजन बढ़ाने वालों के लिए तो अच्छा है, लेकिन जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए सोया चंक्स बेहतर विकल्प माने जाते हैं। ये हाई-प्रोटीन और लो-फैट होते हैं, जिससे तृप्ति भी मिलती है और कैलोरी इनटेक भी कंट्रोल में रहता है।
डाइजेशन की बात करें तो पनीर आमतौर पर आसानी से पच जाता है और शरीर को गर्मी भी देता है। वहीं, कुछ लोगों को ज्यादा सोया खाने से गैस या ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही खाएं। स्वाद की बात करें, तो पनीर लगभग हर घर के मेन्यू में पसंदीदा डिश है, जबकि सोया का स्वाद हर किसी को सुहाता नहीं। हालांकि सही मसालों और रेसिपी से इसे भी टेस्टी बनाया जा सकता है।
मसल्स के लिए सोया चंक्स है परफेक्ट
अगर आपका फोकस मसल्स बनाने पर है, तो सोया एक बढ़िया प्लांट-बेस्ड प्रोटीन स्रोत है। इसमें मौजूद अमीनो एसिड्स मसल्स रिकवरी में मदद करते हैं। वहीं, पनीर में कैल्शियम होता है जो हड्डियों को मज़बूत और मसल्स को सपोर्ट करता है।
कुल मिलाकर अगर आप वजन घटाना चाहते हैं और साथ ही अच्छा प्रोटीन इनटेक बनाए रखना चाहते हैं, तो सोया चंक्स को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। आप इसे सब्जी, कटलेट या भूजिया के रूप में खा सकते हैं। ये न सिर्फ फैट कम करने में मदद करेगा बल्कि एनर्जी और प्रोटीन भी देगा ताकि आपकी फिटनेस जर्नी और मजबूत हो सके।