इस साल 30 दिसंबर को साल की आखिरी एकादशी पड़ रही है, जिसे पुत्रदा एकादशी 2025 के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। पूजा में दूध से बनी मिठाइयों का भोग लगाना शुभ माना जाता है। ऐसे में नारियल की रबड़ी एक अच्छा और स्वादिष्ट भोग हो सकती है।
नारियल की रबड़ी एक पारंपरिक भारतीय मिठाई है। इसमें ताजे नारियल का स्वाद और खुशबू होती है। यह साधारण रबड़ी की तुलना में हल्की होती है और बनाने में भी आसान है। नीचे इसकी सरल रेसिपी दी गई है।
ताजा नारियल – 1 कप (कद्दूकस किया हुआ)
चीनी – आधा कप या स्वाद के अनुसार
इलायची पाउडर – आधा छोटी चम्मच
केसर – 8 से 10 धागे (गर्म दूध में भिगोए हुए)
कटे हुए मेवे – 2 बड़े चम्मच (बादाम, काजू, पिस्ता)
बनाने की आसान विधि
सबसे पहले एक भारी तले की कड़ाही में दूध डालकर मध्यम आंच पर उबालें। उबाल आने पर आंच धीमी कर दें और दूध को चलाते रहें ताकि वह जले नहीं। दूध को तब तक पकाएं जब तक वह आधा न रह जाए और गाढ़ा न हो जाए।
अब ताजे नारियल का छिलका हटाकर उसे बारीक कद्दूकस कर लें। चाहें तो मिक्सर में हल्का दरदरा भी पीस सकते हैं।
जब दूध गाढ़ा हो जाए, तब उसमें नारियल और चीनी डालें। अच्छे से मिलाकर 5 से 7 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं। इसके बाद केसर वाला दूध और इलायची पाउडर डालें।
जब रबड़ी अच्छी तरह गाढ़ी हो जाए, तो गैस बंद कर दें। ऊपर से कटे हुए मेवे डालें। ध्यान रखें कि ठंडी होने पर रबड़ी और गाढ़ी हो जाती है। नारियल की रबड़ी अब भोग के लिए तैयार है।