Rangbhari Ekadashi 2026: कब है रंगभरी एकादशी? इस दिन करें ये तुलसी अनुष्ठान, प्रसन्न होंगे भगवान विष्णु, मिलेगा आशीर्वाद

रंगभरी एकादशी 27 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी। इसे आमलकी एकादशी भी कहते हैं। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत का विशेष महत्व है। तुलसी के पास दीपक जलाना, मंत्र जप करना, लाल चुनरी चढ़ाना और विधिपूर्वक पारण करने से सुख, शांति और समृद्धि मिलती है।

Manali Rastogi
पब्लिश्ड24 Feb 2026, 01:45 PM IST
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रंगभरी एकादशी
रंगभरी एकादशी

रंगभरी एकादशी 2026 का व्रत 27 फरवरी 2026 को रखा जाएगा। इसे आमलकी एकादशी भी कहा जाता है। फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की यह एकादशी होली से पहले आती है, इसलिए इसे रंगभरी एकादशी कहा जाता है।

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इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से शुभ फल मिलते हैं और भक्त व्रत भी रखते हैं। मान्यता है कि इस दिन तुलसी से जुड़े कुछ विशेष उपाय करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। आइए जानते हैं रंगभरी एकादशी पर किए जाने वाले खास तुलसी उपाय।

रंगभरी एकादशी पर करें ये तुलसी उपाय

  • इस दिन तुलसी को जल चढ़ाना या पत्ते तोड़ना वर्जित माना गया है। इसलिए पूजा के लिए तुलसी के पत्ते और मंजरी एक दिन पहले ही तोड़ लें।
  • तुलसी के पौधे के पास 11 दीपक जलाएं और 11 बार यह मंत्र बोलें, “महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी, आधि व्याधि हरा नित्यं तुलसी त्वं नमोस्तुते।” ऐसा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और इच्छाएं पूरी होती हैं।
  • तुलसी की जड़ की थोड़ी मिट्टी लेकर माथे पर तिलक लगाने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
  • तुलसी के पौधे पर लाल चुनरी बांधें। मान्यता है कि इससे माता तुलसी के साथ भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद भी मिलता है। इससे घर में सुख-समृद्धि आती है।
  • तुलसी के पास बैठकर ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
  • तुलसी की मंजरी को गाय के दूध में मिलाकर भगवान विष्णु को अर्पित करने से भी शुभ फल मिलता है।

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रंगभरी एकादशी 2026 का शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 27 फरवरी को रात 12:33 बजे शुरू होगी और उसी दिन रात 10:32 बजे समाप्त होगी। इसलिए आमलकी एकादशी का व्रत शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 को रखा जाएगा।

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व्रत का पारण अगले दिन, यानी शनिवार 28 फरवरी को सुबह 6:47 बजे से 9:06 बजे के बीच किया जाएगा। इस प्रकार, श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए ये उपाय जीवन में सुख, शांति और समृद्धि ला सकते हैं।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)

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