Petrol Diesel Price: पश्चिम एशिया में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच गहराते सैन्य तनाव ने वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मचा दी है। कच्चे तेल की कीमतों में आई यह तेजी भारत में ईंधन की कीमतों को बढ़ा सकती है। लेकिन, भारतीय उपभोक्ताओं के लिए आज की सुबह एक राहत भरी खबर आई है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है, जिससे आम आदमी को महंगाई के मोर्चे पर फिलहाल एक बड़ी राहत मिली है।
वैश्विक स्तर पर उथल-पुथल जारी
दुनियाभर में कच्चे तेल की सप्लाई का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते से गुजरता है। मौजूदा भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण इस समुद्री मार्ग पर संकट मंडरा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। आमतौर पर जब भी वैश्विक स्तर पर ऐसी परिस्थितियां बनती हैं, तो इसका सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ता है। हालांकि, भारत सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही इस अस्थिरता से निपटने की पूरी तैयारी में है। यही कारण है कि सरकारी तेल कंपनियां वैश्विक अस्थिरता के झटकों के बावजूद घरेलू बाजार में कीमतें स्थिर बनी रहें।
कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में भारी उछाल
बता दें कि बीते 1 मई से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई है। इस वृद्धि का सीधा असर रेस्तरां, कैटरिंग और छोटे उद्योगों की लागत पर पड़ रहा है। सरकार ने 993 रुपये की बढ़ोतरी की है।