फाल्गुन अमावस्या 2026 इस साल 17 फरवरी को मनाई जा रही है। फाल्गुन महीने की अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन को पितरों की पूजा और दान-पुण्य के लिए सबसे शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं कि इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
फाल्गुन अमावस्या पर क्या करें
1. पवित्र स्नान और तर्पण
इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करना शुभ माना जाता है। यदि यह संभव न हो तो नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें। इसके बाद पितरों को जल अर्पित करें और तर्पण करें। मान्यता है कि इससे पितर प्रसन्न होते हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
2. दान का महत्व
इस दिन जरूरतमंद लोगों को दान देना चाहिए। आप भोजन, काले तिल, कंबल, अनाज आदि दान कर सकते हैं। सफेद वस्तुओं का दान करने से मन को शांति मिलती है और ग्रहों के अशुभ प्रभाव कम होते हैं।
3. पीपल की पूजा और दीपदान
शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और पेड़ की सात परिक्रमा करें। ऐसा करने से शनि देव की कृपा मिलती है और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं।
फाल्गुन अमावस्या पर क्या न करें
1. नकारात्मक विचारों से बचें
अमावस्या के दिन क्रोध, ईर्ष्या या किसी के प्रति बुरा भाव नहीं रखना चाहिए। इस दिन को आध्यात्मिक रूप से मनाएं और घर में शांति का वातावरण बनाए रखें।
2. तामसिक भोजन से बचें
इस दिन मांस, शराब, लहसुन और प्याज जैसे तामसिक भोजन का सेवन न करें। संभव हो तो व्रत रखें और सात्विक भोजन करें, जिससे शरीर और मन दोनों की शुद्धि होती है।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)