Piyush Pandey Passes Away: जानिए कितनी संपत्ति के मालिक थे पियूष पांडे, उनकी नेट वर्थ जानकर उड़ जाएंगे होश

प्रसिद्ध विज्ञापन निर्माता पियूष पांडे का निधन हुआ। उन्होंने कई यादगार विज्ञापन बनाए और राजनीतिक नारे 'अबकी बार मोदी सरकार' को लोकप्रिय किया। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। पांडे को 2016 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।

Manali Rastogi
अपडेटेड24 Oct 2025, 03:38 PM IST
Piyush Pandey Passes Away: जानिए कितनी संपत्ति के मालिक थे पियूष पांडे, उनकी नेट वर्थ जानकर उड़ जाएंगे होश
Piyush Pandey Passes Away: जानिए कितनी संपत्ति के मालिक थे पियूष पांडे, उनकी नेट वर्थ जानकर उड़ जाएंगे होश(Photo by Girish Srivastava)

भारत के मशहूर विज्ञापन जगत के दिग्गज पियूष पांडे का शुक्रवार को संक्रमण से लंबी लड़ाई के बाद निधन हो गया। उनके जाने की खबर के बाद सोशल मीडिया पर शोक संदेशों की बाढ़ आ गई। लोग भावुक होकर लिख रहे हैं, “फेविकोल का जोड़ टूट गया”, यानी दुनिया ने अपना मजबूत जोड़ खो दिया।

पियूष पांडे वही व्यक्ति थे जिन्होंने देश का सबसे प्रसिद्ध राजनीतिक नारा “अबकी बार मोदी सरकार” दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और भावनात्मक संदेश साझा किया।

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प्रधानमंत्री ने लिखा, “श्री पियूष पांडे जी अपनी रचनात्मकता के लिए बहुत प्रशंसित थे। उन्होंने विज्ञापन और संचार की दुनिया में ऐतिहासिक योगदान दिया। मैं उनके साथ हुई मुलाकातों को हमेशा याद रखूंगा। उनके निधन से दुखी हूं। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ॐ शांति।”

पद्मश्री से सम्मानित पियूष पांडे ने फेविकोल, कैडबरी, एशियन पेंट्स जैसी मशहूर कंपनियों के लिए यादगार विज्ञापन बनाए। वे विज्ञापन जगत के सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में से एक थे। पियूष पांडे का जन्म जयपुर में एक बड़े परिवार में हुआ था। उन्होंने सेंट जेवियर्स स्कूल, जयपुर से पढ़ाई की और उसके बाद दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से इतिहास में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की।

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विज्ञापन की दुनिया से उनका जुड़ाव शुरू से ही रहा, लेकिन 1982 में ओगिल्वी एंड मेदर इंडिया (अब ओगिल्वी इंडिया) से जुड़ने से पहले उन्होंने क्रिकेट, चाय चखने और निर्माण जैसे क्षेत्रों में भी काम किया। उनके भाई प्रसून पांडे के साथ उन्होंने कई रेडियो जिंगल्स में अपनी आवाज़ दी।

पियूष पांडे ने कई ऐसे विज्ञापन बनाए जो लोगों के दिलों में बस गए, जैसे फेविकोल का “दम लगाके हईशा”, कैडबरी डेयरी मिल्क का “कुछ खास है” और एशियन पेंट्स का “हर घर कुछ कहता है”। ये विज्ञापन देखने के बाद भी लंबे समय तक लोगों की यादों में बने रहे। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2025 में पियूष पांडे की अनुमानित संपत्ति लगभग 160 करोड़ रुपये (करीब 19 मिलियन अमेरिकी डॉलर) थी।

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विज्ञापन के अलावा उन्होंने फिल्मों और संगीत में भी योगदान दिया। वर्ष 2013 में उन्होंने जॉन अब्राहम की फिल्म मद्रास कैफे से अभिनय की शुरुआत की। वे आईसीआईसीआई बैंक के ‘मैजिक पेंसिल प्रोजेक्ट’ वीडियो में भी नजर आए।

उन्होंने देशभक्ति गीत मिले सुर मेरा तुम्हारा के बोल लिखे, जो राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बना, और फिल्म भोपाल एक्सप्रेस की पटकथा में भी सहयोग दिया। विज्ञापन जगत में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2016 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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