
Vegetarian Diet Heart Attack Risk: हाल के वैज्ञानिक अध्ययनों से यह बात सामने आई है कि प्लांट-बेस्ड यानी पौधे-आधारित खानपान को अपनाना हृदय स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद है। यह आहार मुख्य रूप से फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज पर फोकस करता है और रेड मीट एवं प्रोसेस्ड फूड्स को सीमित करता है। खासकर, लकवा और दिल के दौरे जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को कम करने में यह डाइट काफी कारगर साबित हो सकती है। आइए, जानते हैं कि दुनिया के प्रमुख अध्ययनों में इस विषय पर क्या अहम निष्कर्ष निकाले गए हैं।
हार्वर्ड टीएच चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ का एक लंबा और बड़ा अध्ययन मार्च 2021 में 'न्यूरोलॉजी जर्नल' में प्रकाशित हुआ था। इस रिसर्च में 25 साल से ज्यादा समय तक 2,09,508 महिला और पुरुष प्रतिभागियों पर निगरानी रखी गई। रिसर्च के मुताबिक, जो लोग 'स्वस्थ प्लांट-बेस्ड डाइट' (hPDI) अपनाते हैं, उनमें सभी प्रकार के स्ट्रोक का जोखिम 10% कम पाया गया। इस डाइट में पत्तेदार हरी सब्जियां, साबुत अनाज और दालों को प्राथमिकता दी गई थी। स्ट्रोक के सबसे आम प्रकार, रक्त वाहिकाओं में रुकावट (आइसकेमिक स्ट्रोक) के जोखिम में भी मामूली कमी देखी गई।
दूसरी तरफ, रिफाइंड अनाज, शुगर-स्वीटन्ड ड्रिंक्स और डेसर्ट्स जैसे 'अस्वस्थ प्लांट-बेस्ड डाइट' (uPDI) से कोई फायदा नहीं मिला, बल्कि जोखिम हल्का बढ़ सकता है। ब्रिघम एंड वुमेंस हॉस्पिटल की डॉ. कैथरीन एम रेक्सरोड का कहना है कि सभी प्लांट-बेस्ड डाइट एक जैसी नहीं होतीं, सिर्फ स्वस्थ डाइट ही फायदेमंद होती है। विशेषज्ञों के आकलन के अनुसार, अगर अमेरिका में सब लोग इस डाइट को अपना लें, तो सालाना करीब 80 हजार स्ट्रोक रोके जा सकते हैं।
ब्रिटिश मेडिकल जर्नल (BMJ) में प्रकाशित EPIC-ऑक्सफोर्ड अध्ययन के परिणाम थोड़े मिले-जुले रहे। यह रिसर्च यूके के 48,188 लोगों पर 18 साल तक चली, जिसमें मांसाहारी, मछली खाने वाले और शाकाहारियों की तुलना की गई। शाकाहारी लोगों में दिल्ली के दौरा यानी इस्केमिक हार्ट डिजीज (IHD) का खतरा 22% कम पाया गया।
हालांकि, शाकाहारियों में कुल स्ट्रोक का जोखिम 20% अधिक देखा गया। यह वृद्धि मुख्य रूप से रक्त वाहिकाओं के फटने से (हेमोरेजिक स्ट्रोक) हुए लकवे में 43% अधिक जोखिम के कारण हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि हेमोरेजिक स्ट्रोक का यह बढ़ा हुआ जोखिम शायद विटामिन B12 या अन्य जरूरी पोषक तत्वों की कमी से जुड़ा हो सकता है, इसलिए सप्लीमेंट्स लेना महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, प्लांट-बेस्ड आहार स्ट्रोक के मुख्य जोखिम कारकों पर सीधा असर डालता है।
ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल: यह डाइट ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कंट्रोल करने में मदद करती है, जो स्ट्रोक के बड़े कारण हैं।
आंत का स्वास्थ्य: प्लांट-बेस्ड फूड्स आंत के माइक्रोबायोम (गट बैक्टीरिया) को संतुलित करते हैं। यह सूजन (Inflammation) को कम करता है और रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ बनाए रखता है।
TMAO का रोल: वेस्टर्न ओंटारियो यूनिवर्सिटी के डॉ. जे डेविड स्पेंस के अनुसार, रेड मीट से TMAO नामक एक पदार्थ बनता है, जो स्ट्रोक के जोखिम को 2.5 गुना तक बढ़ा सकता है। प्लांट-बेस्ड डाइट इस प्रक्रिया को रोकती है।
दिमाग के लिए भी जरूरी: कोलंबिया यूनिवर्सिटी की डॉ. एलिजा मिलर ने बताया कि यह डाइट भूलने की बीमारी (डिमेंशिया) से भी बचाव करती है, जिससे ब्रेन हेल्थ मजबूत होती है।
डॉक्टरों और पोषण विशेषज्ञों की सलाह है कि इस डाइट को धीरे-धीरे अपनी लाइफस्टाइल में शामिल करें।
जरूरी चीजें शामिल करें: अपनी डाइट में रोज 5-7 सर्विंग फल और सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और बादाम, अखरोट जैसे नट्स को शामिल करें।
मांस को करें सीमित: मांस का सेवन हफ्ते में 2 से 3 बार, केवल हथेली के आकार तक सीमित करें। चीनी और शराब का सेवन भी कम करें।
पोषक तत्वों पर ध्यान: डॉक्टर से सलाह लेकर विटामिन B12, आयरन और ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी को पूरा करने के लिए सप्लीमेंट्स लेना जरूरी हो सकता है।
मेडिटेरेनियन स्टाइल: जैतून तेल, अगर आप मांसाहारी हैं तो मछली और हर्ब्स को अपने खाने में शामिल करें।
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