Middle East Crisis: होर्मुज जलडमरूमध्य का खुला रहना जरूरी, मिडिल इस्ट संकट पर पीएम मोदी और ट्रंप ने की फोन पर बातचीत

PM Modi and Trump Discuss: पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने मिडिल ईस्ट के तनाव पर फोन पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने शांति बहाल करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर सहमति जताई।

Anuj Shrivastava
अपडेटेड24 Mar 2026, 07:28 PM IST
पीएम मोदी और ट्रंप ने की फोन पर बातचीत
पीएम मोदी और ट्रंप ने की फोन पर बातचीत

Middle East crisis: ईरान-यूएएस की जंग की आहट भारत तक आ गई है। ऐसे में पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिडिल ईस्ट के तनाव को लेकर फोन पर चर्चा की। 28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग में पहली बार ट्रंप और पीएम मोदी ने फोन पर बात की है।

इस बातचीत की जानकारी भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स के जरिए दी है।उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच जंग के साथ-साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखने की जरूरत पर बात हुई। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स पर लिखा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की. उन्होंने मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखने के महत्व पर जोर दिया गया।

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वहीं पीएम मोदी ने इस बातचीत के बाद एक्स पर लिखा कि मुझे राष्ट्रपति ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचारों का उपयोगी आदान-प्रदान हुआ। भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है। होर्मुज जलडमरूमध्य का खुला, सुरक्षित और सुलभ रहना पूरी दुनिया के लिए आवश्यक है। हमने शांति और स्थिरता के प्रयासों के संबंध में संपर्क में रहने पर सहमति जताई।

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विदेश मंत्री डा एस जयशंकर ने भी सोमवार शाम अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात की थी। दोनों ने इस संकट के अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पर भी चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से ऊर्जा सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर बात की। प्रधानमंत्री पश्चिम एशिया की स्थिति पर वैश्विक नेताओं के साथ निरंतर बातचीत कर रहे हैं।

इसी बीच ईरान के सरकारी और अर्द्ध-सरकारी मीडिया ने अमेरिका के खिलाफ कड़ी चेतावनियां जारी रखते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रचनात्मक बातचीत के दावों को खारिज कर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी मीडिया ने स्पष्ट कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच किसी प्रकार की बातचीत नहीं हुई है और दोनों देशों के बीच अधिकांश कूटनीतिक संपर्क टूटे हुए हैं।

ट्रंप के दावे को ईरान ने किया खारिज

आईआरजीसी से जुड़ी फार्स समाचार एजेंसी ने भी दोनों देशों के बीच संपर्क से इनकार किया, जो ट्रंप के चल रही वार्ताओं के दावे के विपरीत है।इस बीच, दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी तेज हो गयी है और लगभग रोजाना एक-दूसरे को धमकियां दी जा रही हैं। ईरानी सैन्य अधिकारियों ने भी चेतावनी का स्तर बढ़ाते हुए कड़े बयान दिए हैं।

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ईरान देगा हर हमले का जवाब

खातम अल-अंबिया मुख्यालय के मेजर जनरल अब्दोल्लाही ने सरकारी टीवी पर कहा कि हम आपको इतनी जोर से मारेंगे कि आपके दांत बाहर आ जाएंगे, और यह भी संकेत दिया कि संघर्ष बढ़ने पर ईरान नए गुप्त हथियार का इस्तेमाल कर सकता है।ईरानी अधिकारियों ने दोहराया कि उसके बिजली उत्पादन ढांचे पर किसी भी हमले को सहन नहीं किया जाएगा और इसका समान स्तर पर जवाब दिया जाएगा। आईआरजीसी के एक बयान में कहा गया कि हम किसी भी हमले का तुरंत और उसी स्तर पर जवाब देंगे।

होर्मुज जलडमरूमध्य क्या है?

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पश्चिम एशिया का एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे रणनीतिक जलमार्गों में से एक है क्योंकि वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।

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