होलाष्टक की शुरुआत 24 फरवरी से हुई है और यह 3 मार्च 2026 तक रहेगा। होली से पहले आने वाले ये आठ दिन विशेष माने जाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस समय तंत्र-मंत्र और साधना का प्रभाव अधिक होता है। ऐसा भी कहा जाता है कि इन दिनों नकारात्मक ऊर्जा ज्यादा सक्रिय रहती है, इसलिए स्वयं और अपने परिवार की रक्षा करना जरूरी है।
आज हम भगवान नरसिंह के एक शक्तिशाली मंत्र के बारे में जानेंगे, जिसका जाप करने से बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है। होलाष्टक के दौरान भक्त इस मंत्र का जाप करके सुरक्षित रह सकते हैं।
होलाष्टक में जाप करने के लिए नरसिंह मंत्र
उग्रं वीरं महा-विष्णुं ज्वलंतं सर्वतो मुखम्।
नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युर्मृत्युं नमाम्यहम्॥
इस मंत्र के जाप के लाभ
यह मंत्र एक मजबूत सुरक्षा कवच की तरह काम करता है, जिससे कोई भी बुरी शक्ति या बुरी नजर आपके पास नहीं आ पाती। अगर आपको रात में डर लगता है या मन अशांत रहता है, तो इस मंत्र का जाप मन को स्थिर और मजबूत बनाता है। जैसे भगवान नरसिंह ने भक्त प्रह्लाद की रक्षा की थी, वैसे ही यह मंत्र बड़ी से बड़ी समस्या से बचाने और कठिन समय से बाहर निकालने में सहायक माना जाता है।
होलाष्टक में इस मंत्र के जाप की विधि
इस मंत्र का जाप करना बहुत आसान है। सुबह स्नान के बाद या शाम को प्रदोष काल में शांत स्थान पर बैठें। अपना मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर रखें। भगवान नरसिंह की तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाएं। इसके बाद पूरे श्रद्धा भाव से इस मंत्र का 108 बार जाप करें। अंत में भगवान नरसिंह से प्रार्थना करें कि वे आपको हर प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षित रखें।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)