Prateek Yadav Net Worth: मुलायम सिंह यादव ने दो शादियां की हैं। दूसरी शादी साधना गुप्ता (Mulayam Singh Yadav Second Wife) से हुई है। अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के सौतेले भाई प्रतीक साधना के ही बेटे हैं। डिंपल यादव (Dimple Yadav) के देवर प्रतीक राजनीति से दूर रहते हैं। अब यादव परिवार से एक बड़ी खबर सामने आई है। मुलायम के दूसरे बेटे प्रतीक यादव ने कहा है कि वो अपनी पत्नी अपर्णा यादव को तलाक देने जा रहे हैं।
इस खबर के सियासी गलियारे हलचल मच गई है। अपर्णा यादव भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो चुकी हैं। प्रतीक यादव से शादी के बाद अपर्णा यादव ने बीजेपी का दामन दाम थाम लिया था। दोनों मुलायम परिवार से अलग रहते हैं।
कौन हैं प्रतीक यादव?
प्रतीक यादव समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे हैं। प्रतीक यादव मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी सधना गुप्ता के बेटे हैं, और अखिलेश यादव के सौतेले भाई हैं। प्रतीक यादव राजनीति से दूर हैं वो रियल स्टेट और फिटनेस का बिजनेस करते हैं। उन्हें खुद भी बॉडी बिल्डिंग का शौक है। अपर्णा और प्रतीक को एक बेटी भी है जिसका नाम प्रथमा है। प्रथमा के पहले जन्मदिन पर भी देशभर के कई सेलिब्रिटीज भी शामिल हुए थे।
जानिए कौन हैं अपर्णा यादव
अपर्णा यादव समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू हैं। उनके पिता अरविंद सिंह पत्रकार रहे हैं और उनकी मां लखनऊ नगर निगम में अधिकारी के पद पर हैं। अपर्णा यादव ने साल 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लखनऊ कैंटोनमेंट सीट से सपा (समाजवादी पार्टी) के टिकट पर चुनाव लड़ा था लेकिन वह हार गईं थीं। वहीं उन्होंने जनवरी 2022 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) जॉइन की और पार्टी की सदस्य बनीं थीं। इस समय वह उत्तर प्रदेश राज्या महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। जब अपर्णा यादव ने अचानक समाजवादी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ली थी तो इस दौरान उन्हें यूपी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और स्वतंत्र देव सिंह ने BJP में शामिल कराया था।
अपर्णा यादव का यह फैसला अखिलेश यादव के लिए बड़ा झटका माना जा रहा था। हालांकि अपर्णा यादव ने बीजेपी में शामिल होने पर कहा था कि वह पारिवारिक राजनीति नहीं, राष्ट्रवाद को चुनती हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली से प्रभावित हैं। एक चुनावी हलफनामे के मुताबिक, अपर्णा यादव के पास 15 करोड़ की संपत्ति है।
लैंबॉर्गिनी स्पोर्ट्स कार के मालिक हैं प्रतीक यादव
प्रतीक यादव की लाइफस्टाइल के सबसे ज़्यादा चर्चा वाले पहलुओं में से एक है उनके लग्ज़री गाड़ियों का कलेक्शन। इनमें एक लैंबॉर्गिनी स्पोर्ट्स कार भी है, जिसकी कीमत लगभग ₹5 करोड़ बताई जाती है। लग्जरी कारों के अलावा, प्रतीक यादव फिटनेस और वेलनेस वेंचर्स से भी जुड़े हैं। बीते दिनों प्रतीक उस वक्त भी चर्चा में आए थे जब सुप्रीम कोर्ट ने कुत्तों को लेकर अपना एक आदेश दिया था। जिस पर उन्होंने अपील की थी कि ऐसे निर्णय बेजुबानों के लिए घातक हैं। वह बेजुबानों के लिए एनजीओ भी संचालित करते हैं। लखनऊ में प्रतीक यादव का जिम भी चलता है।
अपर्णा के पास कार नहीं, प्रतीक के पास लेम्बोर्गिनी कार
पति और पत्नी ने 2015-16 में क्रमश: एक करोड़ 47 लाख 42 हजार रुपये और 50 लाख 18 हजार रुपये का आयकर रिटर्न दाखिल किया। अपर्णा की संपत्ति के ब्यौरे में कोई कार नहीं है जबकि प्रतीक के पास पांच करोड 23 लाख 15 हजार की लेम्बोर्गिनी कार दिखाई गई है। प्रतीक यादव ने यह गाड़ी 2016 में खरीदी थी। इसके लिए उन्होंने यूनियन बैंक से 4.5 करोड़ रुपये का लोन लिया है।
अगर डाईवोर्स तक बात पहुंची तो अपर्णा को कितनी मिलेगी संपत्ति ?
दरअसल, ऐसा कोई तय कानूनी नियम नहीं है कि तलाक के बाद पत्नी को अपने पति की कुल प्रॉपर्टी का एक खास हिस्सा, जैसे 50% या उससे कम या इससे ज्यादा अपने आप मिल जाए। हिंदू मैरिज एक्ट के तहत, कोर्ट सभी प्रॉपर्टी को अपने आप नहीं बांटते हैं, जो प्रॉपर्टी सिर्फ पति की होती है-जैसे शादी से पहले खरीदी गई प्रॉपर्टी, विरासत में मिली या पुश्तैनी प्रॉपर्टी, या खुद की खरीदी हुई प्रॉपर्टी जो जॉइंट रूप से मालिकाने हक वाली नहीं है-वह अपने आप पत्नी को नहीं मिलती है।
पत्नी को अपनी प्रॉपर्टी पर पूरे अधिकार होते हैं, जिसमें उसके नाम पर प्रॉपर्टी और उसका गहने, तोहफे, कैश, और शादी के दौरान मिली चीजें शामिल हैं। अगर कोई प्रॉपर्टी जॉइंट रूप से मालिकाने हक वाली थी या शादी के दौरान दोनों पति-पत्नी के योगदान से खरीदी गई थी, तो कोर्ट योगदान के सबूत के आधार पर सही बंटवारे पर विचार किया जा सकता है।