वेटरन अभिनेता प्रेम चोपड़ा ने हिंदी सिनेमा में आए बदलावों पर अपनी राय दी है। उन्होंने कहा कि पहले फिल्मों में भावनाओं पर ज़ोर होता था, लेकिन अब फिल्में ज्यादा एक्शन और हिंसा से भरी होती हैं, जैसे धुरंधर। उन्होंने बताया कि समय के साथ दर्शकों की पसंद बदलती है, इसलिए फिल्में भी उसी हिसाब से बनती हैं।
प्रेम चोपड़ा ने विक्की लालवानी से बातचीत में कहा कि उन्होंने धुरंधर का पहला भाग देखा, जो उन्हें अच्छा लगा, लेकिन थोड़ा लंबा था। उन्होंने कहा, “फिल्म अच्छी थी, लेकिन थोड़ी लंबी थी। फिर भी लोगों ने इसे पसंद किया और लंबे समय बाद दर्शक थिएटर लौटे।”
जब उनसे पूछा गया कि अगर वह इस फिल्म को बनाते तो क्या हिंसा कम करते, तो उन्होंने कहा, “सिनेमा एक व्यापार है। मैं भी फिल्म को ट्रेंड के हिसाब से बनाता, लेकिन हाँ, गाली-गलौज जैसी चीजें थोड़ी कम करता।”
उन्होंने रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना की एक्टिंग की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, “मैंने रणवीर सिंह को एक क्लब में देखा था, जब वह काम पाने की कोशिश कर रहे थे। उनकी परफॉर्मेंस देखकर मैं हैरान रह गया था। यह कहना मुश्किल है कि कौन बेहतर था, क्योंकि सभी ने अपना रोल अच्छे से निभाया।”
अक्षय खन्ना के बारे में उन्होंने कहा, “उनका रोल दर्शकों को ज्यादा पसंद आया, इसलिए उन्हें ज्यादा सराहना मिली। मुझे लगता है कि धुरंधर के दूसरे भाग में रणवीर सिंह ने शानदार काम किया है।” प्रेम चोपड़ा ने यह भी कहा कि सिनेमा समय के साथ बदलता रहता है और आजकल अलग-अलग तरह की फिल्में बन रही हैं।
धुरंधर फिल्म सीरीज के बारे में बात करें तो, आदित्य धर की इस फिल्म और उसके दूसरे भाग ने बॉक्स ऑफिस पर बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। इस रणवीर सिंह स्टारर सीरीज ने दुनियाभर में 3000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली है और यह ऐसा करने वाली पहली भारतीय फिल्म सीरीज बन गई है। इसने कई बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है, जैसे बाहुबली सीरीज़, पुष्पा फ्रेंचाइज और केजीएफ फिल्म्स।