Rahul Gandhi-Ravneet Bittu Controversy: बजट सत्र के बीच संसद परिसर में उस वक्त माहौल गरमा गया, जब नेताओं के बीच जुबानी जंग खुलकर सामने आ गई। आमतौर पर संसद के गलियारों में दिखने वाली राजनीतिक तकरार इस बार मकर द्वार के पास सार्वजनिक रूप से देखने को मिली, जहां शब्दों की तीखापन ने सबका ध्यान खींच लिया।
मकर द्वार के पास कैसे शुरू हुई नोकझोंक
घटना उस समय हुई जब संसद के मकर द्वार के पास मौजूदा बजट सत्र की शेष अवधि से निलंबित किए गए आठ विपक्षी सांसद प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान कांग्रेस के नेता रह चुके केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू संसद भवन में प्रवेश कर रहे थे और वह टिप्पणी करते सुने गए कि ये (प्रदर्शन कर रहे सांसद) जंग जीतकर आए हैं। यह सुनकर वहां मौजूद नेताओं की प्रतिक्रिया तेज हो गई।
राहुल गांधी का तीखा तंज
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बिट्टू की ओर इशारा करते हुए उन्हें ‘गद्दार’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा, "कहा, ''देखिए यहां एक गद्दार चला आ रहा है...मेरे गद्दार मित्र, चिंता मत करो, वापस आ जाओ।'' उनका यह बयान वहां मौजूद लोगों ने साफ सुना, जिसके बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया। राहुल गांधी ने बाद में उनसे हाथ मिलाने की कोशिश भी की, लेकिन बात वहीं खत्म नहीं हुई।
बिट्टू ने भी पलटकर दिया जवाब
राहुल गांधी के बयान पर केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने पलटवार करते हुए कांग्रेस नेताओं को ‘देश के दुश्मन’ करार दिया। उन्होंने राहुल गांधी से हाथ नहीं मिलाया और सीधे संसद भवन के अंदर चले गए।
बाद में रवनीत बिट्टू ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उनके परिवार ने देश के लिए बलिदान दिया है। उन्होंने सिख समुदाय पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर किसी को शहीद कहा जाता है, तो इतिहास को पूरा देखा जाना चाहिए। बिट्टू ने यह भी कहा कि उन्होंने राहुल गांधी से हाथ इसलिए नहीं मिलाया क्योंकि वे रोज सेना के खिलाफ बयान देते हैं।
बयान पर सियासी प्रतिक्रिया तेज
इस पूरे घटनाक्रम पर दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "सदन में एक सिख मंत्री के खिलाफ जिस प्रकार के शब्द का इस्तेमाल किया गया मैं इसकी निंदा करता हूं... राहुल गांधी जी अगर कोई गद्दार है तो वे आप हैं, सिख सरदार कभी गद्दार नहीं हो सकता...सिखों के प्रति आपके शब्दों को बोलना दर्शाता है कि कांग्रेस की मानसिकता में आज भी बदलाव नहीं है। गद्दार गांधी परिवार है जिन्होंने दरबार साहिब पर तोप से हमला किया..."