
अभिनेता राजपाल यादव हाल ही में चेक बाउंस मामले को लेकर चर्चा में हैं। कानूनी और आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे राजपाल यादव को करीब 2.5 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया गया था।
हालिया रिपोर्ट के अनुसार, सरेंडर से ठीक पहले उन्होंने भावुक बयान दिया। न्यूज एक्स के हवाले से राजपाल यादव ने कहा, “सर, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं। और कोई उपाय नहीं दिखता… सर, यहां हम सब अकेले हैं। कोई दोस्त नहीं होता। मुझे इस संकट से खुद ही निपटना है।”
यह मामला साल 2010 में शुरू हुआ, जब अभिनेता राजपाल यादव ने अपनी पहली निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ (2012) बनाने के लिए दिल्ली की मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, जिसके बाद कर्ज चुकाने में दिक्कतें शुरू हो गईं।
मामला अदालत तक पहुंचा और अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया। शिकायतकर्ता को दिए गए सात चेक बाउंस होने के बाद अदालत ने अभिनेता को छह महीने की साधारण जेल की सजा सुनाई। यह सजा 2019 की शुरुआत में सेशन कोर्ट ने भी बरकरार रखी।
इसके बाद अभिनेता ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की। जून 2024 में हाई कोर्ट ने उनकी सजा पर अस्थायी रोक लगाते हुए कहा कि उन्हें बकाया रकम चुकाने के लिए “ईमानदार और ठोस प्रयास” करने होंगे। इस समय तक कर्ज बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपये हो चुका था। हालांकि, इसके बाद भी बार-बार तय समयसीमा चूकी गई और वादे पूरे नहीं हुए।
अक्टूबर 2025 तक राजपाल यादव ने दो डिमांड ड्राफ्ट के जरिए 75 लाख रुपये जमा किए, लेकिन अदालत ने कहा कि ज्यादातर रकम अब भी बाकी है। इसके बाद दिसंबर 2025 में 40 लाख रुपये और 2026 की शुरुआत में शेष राशि चुकाने के वादे भी पूरे नहीं हुए। इस पर अदालत ने उनके “गंभीरता की कमी” पर कड़ी नाराजगी जताई।
फरवरी 2026 की शुरुआत में जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने अभिनेता को आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि किसी को भी, चाहे वह कितना ही बड़ा सेलिब्रिटी क्यों न हो, अनंत समय तक राहत नहीं दी जा सकती।
4 फरवरी 2026 को अदालत ने उनकी आखिरी “दया याचिका” भी खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने पैसे जुटाने के लिए एक हफ्ते का समय मांगा था। जज ने कहा कि राजपाल यादव पहले ही लगभग 20 बार दिए गए आश्वासन तोड़ चुके हैं। अदालत ने साफ कहा कि कानून आदेशों का पालन करने वालों को महत्व देता है, न कि उनका उल्लंघन करने वालों को।
5 फरवरी 2026 को कोर्ट में अंतिम पेशी के दौरान उनके वकील ने 25 लाख रुपये का नया चेक और नई भुगतान योजना पेश की, लेकिन अदालत ने आत्मसमर्पण का आदेश वापस लेने से इनकार कर दिया। जस्टिस शर्मा ने कहा कि अदालत को सहानुभूति और अनुशासन के बीच संतुलन बनाए रखना होता है और फिल्मी दुनिया से जुड़े किसी व्यक्ति के लिए विशेष परिस्थितियां नहीं बनाई जा सकतीं।
आखिरकार, उसी दिन शाम 4 बजे राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया और अब वे अपनी छह महीने की सजा काटेंगे। वहीं, हाई कोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल के पास जमा कराई गई रकम शिकायतकर्ता कंपनी को सौंपने का आदेश दे दिया।
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