Ram Mandir Ceo Salary: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के लिए आज बेहद ही खास दिन है। आज राम मंदिर के सीईओ के नाम के ऐलान के साथ ही अन्य पदों की नियुक्तियों पर फैसला होने वाला है। ट्रस्ट के सूत्रों के अनुसार, बैठक से पहले एक विशेष बैठक भी हो सकती है, जिसमें ट्रस्ट में रिक्त पदों पर नए सदस्यों के चयन और सीईओ के नाम पर चर्चा की जाएगी। सीईओ पद के लिए चयन पैनल ने पिछले महीने विस्तृत साक्षात्कार प्रक्रिया के बाद अपनी संस्तुति ट्रस्ट को सौंप दी थी।
रेस में आगे ये तीन चेहरे
सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान और पूर्व आईएएस अधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा के नाम सीईओ पद की दौड़ में प्रमुख रूप से बताए जा रहे हैं। ट्रस्ट की धार्मिक समिति के अध्यक्ष एवं कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देवगिरि तथा ट्रस्ट के महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन अयोध्या पहुंच चुके हैं। स्वामी गोविंद देवगिरि ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन भी किया।
वहीं अगर सैलरी की बात की जाए, तो श्रीराम जन्मभूमित ट्रस्ट ने जब सीईओ पद के लिए वैकेंसी निकाली थी, उसी टाइम साफ कर दिया था कि सीईओ का वेतन और अन्य सुविधाएं आपसी बातचीत (Negotiable) के बाद तय की जाएंगी।
दो बार हो चुकी है ट्रस्ट की बैठक
पिछले दो महीनों में यह ट्रस्ट की तीसरी बैठक होगी। इससे पहले चार जुलाई को हुई बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और न्यासी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए गए थे। उनके स्थान पर सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी डॉ. कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव नियुक्त किया गया था।
22 जुलाई को हुई दूसरी बैठक में ट्रस्ट ने दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे। नौ संतों की धार्मिक समिति गठित की गई थी, जिसमें अयोध्या के पांच और मंदिर ट्रस्ट के चार संत शामिल किए गए। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देवगिरि को समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। इसके अलावा ट्रस्ट के लिए प्रवक्ता और सचिव नियुक्त करने का निर्णय लिया गया था।
बुधवार की बैठक में प्रसाद समिति और परिक्रमा समिति के गठन की घोषणा किए जाने की संभावना है। धार्मिक समिति में सदस्यों की संख्या बढ़ाने तथा ट्रस्ट में रिक्त तीन पदों को भरने पर भी निर्णय हो सकता है। हालांकि, स्थायी महासचिव की नियुक्ति की संभावना कम बताई जा रही है। ट्रस्ट सूत्रों के अनुसार, डॉ. कृष्ण मोहन फिलहाल कार्यवाहक महासचिव के रूप में काम करते रहेंगे।गौरतलब है कि ट्रस्ट में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे तथा न्यासी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन के कारण तीन पद रिक्त हुए हैं।
राम मंदिर के सीईओ का क्या होंगी जिम्मेदारियां?
सीईओ की नियुक्ति से मंदिर के दैनिक प्रशासन, प्रबंधन, कर्मचारियों के कार्य, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और विभिन्न व्यवस्थाओं के बीच समन्वय को अधिक संस्थागत रूप दिए जाने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट डीड और ट्रस्ट के नियमों में संशोधन का प्रस्ताव भी बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल है। हालांकि, संशोधन के बिंदु अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।