Ramadan 2026: जानें भारत, सऊदी अरब संग यूनाइटेड किंगडम और अन्य देशों में सहरी और इफ्तार का समय

रमजान इस्लाम का पवित्र महीना है, जिसमें मुसलमान सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोजा रखते हैं। वे सहरी करते हैं, शाम को इफ्तार से रोजा खोलते हैं और ज्यादा इबादत व दान करते हैं। रोजे की अवधि स्थान अनुसार बदलती है। अंत में ईद-उल-फितर खुशी और एकता के साथ मनाई जाती है।

Manali Rastogi
अपडेटेड16 Feb 2026, 03:13 PM IST
Ramadan
Ramadan

Ramadan 2026: दुनिया भर के मुसलमान इस्लामी कैलेंडर में रमजान को बहुत पवित्र महीना मानते हैं। इस महीने में वे रोजा रखते हैं, ज्यादा इबादत करते हैं, अल्लाह से अपने रिश्ते पर चिंतन करते हैं और जरूरतमंदों की मदद करते हैं।

चूंकि इस्लामी कैलेंडर चंद्रमा पर आधारित है और सौर कैलेंडर से छोटा होता है, इसलिए रमजान हर साल लगभग 10–11 दिन पहले आ जाता है। 2026 में रमजान की शुरुआत संभवतः फरवरी के मध्य के आसपास होगी, जो चांद दिखने पर तय होगी।

यह भी पढ़ें | क्या भारत में दिखाई देगा सूर्य ग्रहण, क्या लागू होगा सूतक काल? पढ़ें ये मंत्र

रमजान के पूरे महीने में मुसलमान रोजाना सुबह से शाम तक रोजा रखते हैं। फज्र (सुबह की नमाज) से पहले तक खाना खाया जाता है, जिसे सहरी (सुहूर) कहते हैं। फज्र की नमाज शुरू होते ही खाना-पीना बंद कर दिया जाता है। सूरज डूबने के बाद रोजा खोला जाता है, जिसे इफ्तार कहते हैं। इफ्तार आमतौर पर खजूर और पानी से शुरू किया जाता है, जैसा कि हजरत मुहम्मद की परंपरा है।

रोजे के दौरान मुसलमान दिनभर कुछ भी नहीं खाते-पीते, यहां तक कि पानी भी नहीं। साथ ही वे बुरे विचार, गुस्सा और गलत कामों से भी बचने की कोशिश करते हैं। यह समय आत्मसंयम, धैर्य और आत्मशुद्धि का होता है।

यह भी पढ़ें | हानिया आमिर का असीम अजहर संग वीडियो हुआ वायरल, जानें क्या है सच्चाई

दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रोजे की अवधि अलग होती है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि वहां दिन कितने लंबे हैं। जो देश भूमध्य रेखा के पास हैं, वहां रोजे का समय लगभग 12 से 14 घंटे के बीच रहता है। लेकिन यूरोप जैसे उत्तर के देशों में दिन लंबे होने के कारण रोजा 16 से 18 घंटे तक भी हो सकता है।

उदाहरण के लिए, नॉर्वे, आइसलैंड या स्वीडन जैसे देशों में रहने वाले मुसलमानों को ज्यादा लंबे समय तक रोजा रखना पड़ सकता है। वहीं इंडोनेशिया, मलेशिया या अफ्रीका के कुछ देशों में रोजे की अवधि अपेक्षाकृत कम और लगभग समान रहती है।

यह भी पढ़ें | क्या इस बार फाल्गुन अमावस्या पर दिखाई देगा सूर्य ग्रहण? जानिए शुभ मुहूर्त

आमतौर पर अलग-अलग क्षेत्रों में रोजे की अवधि इस प्रकार हो सकती है:

  • मध्य पूर्व (सऊदी अरब, यूएई) – लगभग 13 से 14 घंटे
  • भारत और दक्षिण एशिया – लगभग 12.5 से 14 घंटे
  • यूनाइटेड किंगडम और यूरोप – लगभग 14 से 16 घंटे
  • अमेरिका और कनाडा – लगभग 12 से 15 घंटे (शहर के अनुसार)
  • दक्षिण-पूर्व एशिया (इंडोनेशिया, मलेशिया) – लगभग 12 से 13 घंटे

ये समय हर दिन थोड़ा-थोड़ा बदलता रहता है क्योंकि सूर्योदय और सूर्यास्त का समय बदलता है। रमजान इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है। यह महीना इंसान को अनुशासन, धैर्य और गरीबों के प्रति सहानुभूति सिखाता है। इस दौरान मुसलमान ज्यादा दान-पुण्य करते हैं और रात में विशेष नमाज तरावीह अदा करते हैं।

यह भी पढ़ें | अब सामने आया इंडियन कॉलेज कपल का वायरल वीडियो, जानें कैसे फायदा उठा रहे ठग

रमजान का अंत ईद-उल-फितर के त्योहार से होता है, जो खुशी, नमाज और दान के साथ मनाया जाता है। रमजान की शुरुआत और अंत चांद दिखने पर निर्भर करता है। इसलिए इसकी सही तारीख हर साल अलग होती है। जैसे-जैसे रमजान 2026 नजदीक आएगा, दुनिया भर के मुसलमान इस पवित्र महीने की तैयारी इबादत और आध्यात्मिक शुद्धि के साथ करेंगे।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)

Get Latest real-time updates

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़ट्रेंड्सRamadan 2026: जानें भारत, सऊदी अरब संग यूनाइटेड किंगडम और अन्य देशों में सहरी और इफ्तार का समय
More
बिजनेस न्यूज़ट्रेंड्सRamadan 2026: जानें भारत, सऊदी अरब संग यूनाइटेड किंगडम और अन्य देशों में सहरी और इफ्तार का समय