
Today Iftar timing 13 March 2026: रमजान का पाक महीना इन दिनों पूरे देश में इबादत के माहौल के साथ मनाया जा रहा है। मुस्लिम समुदाय के लिए यह महीना रोजे के साथ-साथ आत्मचिंतन, नेकी और दूसरों की मदद करने का भी समय माना जाता है। इस दौरान लोग सुबह सेहरी के साथ रोजा शुरू करते हैं और सूर्यास्त के समय इफ्तार करके उसे खोलते हैं।
रोजेदारों के लिए सबसे जरूरी चीज होती है वक्त की पाबंदी। सेहरी का वक्त खत्म होने से लेकर इफ्तार का वक्त शुरू होने तक, हर पल अल्लाह की रजा के लिए गुजारा जाता है। आइए जानते हैं आज आपके शहर में इफ्तार का सही समय क्या है।
इस साल रमजान की शुरुआत 18 फरवरी को हुई थी। उस हिसाब से आज यानी शुक्रवार, 13 मार्च 2026 को रमजा का 23वां रोजा है। यह तीसरा अशरा चल रहा है, जिसे 'जहन्नुम से आजादी' का दौर माना जाता है। सूरज के ढलने का समय हर शहर में अलग होता है, इसलिए इफ्तार के वक्त में भी कुछ मिनटों का अंतर आता है। नीचे दिए गए चार्ट में प्रमुख शहरों के इफ्तार के समय दिए गए हैं।
आज 13 मार्च 2026 को अलग-अलग शहरों में इफ्तार का समय इस प्रकार है:
| शहर | इफ्तार का समय |
|---|---|
| दिल्ली | शाम 6:29 बजे |
| अहमदाबाद | शाम 6:48 बजे |
| मुंबई | शाम 6:48 बजे |
| पुणे | शाम 6:44 बजे |
| चेन्नई | शाम 6:20 बजे |
| कोलकाता | शाम 5:45 बजे |
| लखनऊ | शाम 6:14 बजे |
| चंडीगढ़ | शाम 6:30 बजे |
| कोच्चि | शाम 6:36 बजे |
| गुरुग्राम | शाम 6:30 बजे |
| आगरा | शाम 6:26 बजे |
| बेंगलुरु | शाम 6:30 बजे |
| भोपाल | शाम 6:29 बजे |
| भुवनेश्वर | शाम 5:56 बजे |
| कोयंबटूर | शाम 6:33 बजे |
| गुवाहाटी | शाम 5:31 बजे |
| हैदराबाद | शाम 6:26 बजे |
| इंदौर | शाम 6:36 बजे |
| जयपुर | शाम 6:35 बजे |
| जम्मू | शाम 6:37 बजे |
| नोएडा | शाम 6:28 बजे |
| पटना | शाम 5:58 बजे |
| कोझिकोड | शाम 6:38 बजे |
| सिकंदराबाद | शाम 6:26 बजे |
| सिलीगुड़ी | शाम 5:44 बजे |
खगोल विज्ञान से जुड़ी रिपोर्ट्स के मुताबिक आने वाले वर्षों में रोजे की अवधि यानी फास्टिंग आवर्स धीरे-धीरे कम हो सकते हैं। दरअसल इस्लामी कैलेंडर चंद्रमा पर आधारित होता है, जो सौर वर्ष से लगभग 11 दिन छोटा होता है। इसी वजह से रमजान हर साल थोड़ा पहले आ जाता है और मौसम के अनुसार रोजे की अवधि भी बदलती रहती है।
इसी खगोलीय गणना के कारण साल 2030 में दो बार रमजान आने की संभावना बताई जा रही है।रिपोर्ट्स के अनुसार पहला रमजान 5 जनवरी 2030 के आसपास शुरू हो सकता है, जबकि दूसरा 26 दिसंबर 2030 के करीब पड़ सकता है। यह स्थिति इसलिए बनती है क्योंकि चंद्र वर्ष, सौर वर्ष से छोटा होता है।
‘अल्लाहुम्मा इन्नी लका सुम्तु, व बिका आमन्तु, व अलैका तवक्कल्तु, व अला रिज़्किका अफ़्तरतु।’
मतलब- ऐ अल्लाह! मैंने तेरे लिए रोज़ा रखा, तुझ पर ईमान लाया, तुझ पर भरोसा किया और तेरी दी हुई रोजी से रोजा खोला।
'Allahumma inni laka sumtu wa bika aamantu wa ‘alayka tawakkaltu wa ‘ala rizqika aftartu.'
Meaning- O Allah! I fasted for You, I believe in You, I trust in You and with Your sustenance I break my fast.
रमजान का महीना सिर्फ भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह सब्र, अनुशासन और इंसानियत का संदेश देता है। रोजेदार पूरे महीने दुआ, इबादत और जरूरतमंदों की मदद पर भी खास ध्यान देते हैं। इफ्तार का समय इस पूरे दिन की इबादत का खास पल होता है, जब परिवार और दोस्त एक साथ बैठकर रोजा खोलते हैं और शुक्रिया अदा करते हैं।
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