RBI Monetary Policy April 2026: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आज मॉनिटरी पॉलिसी अप्रैल 2026 के फैसलों का ऐलान कर दिया है। RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर ही बरकरार रखने का फैसला लिया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने लगातार दूसरी मॉनिटरी पॉलिसी मीटिंग में ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है। साथ ही नीतिगत रुख को भी 'न्यूट्रल' बनाए रखा गया है।
Repo Rate में क्यों नहीं हुई कटौती?
केंद्रीय बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भू-राजनीतिक तनावों और वैश्विक घटनाक्रमों की वजह से महंगाई के जोखिम बढ़ गए हैं। ऐसे में सतर्क रहना जरूरी है। हालांकि, भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद अभी भी मजबूत है। RBI का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। इससे महंगाई पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका है।
GDP ग्रोथ का अनुमान
भारत की इकोनॉमी अगले वित्तीय वर्ष में मजबूत गति बनाए रखने वाली है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के अनुमान के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में रियल जीडीपी ग्रोथ 6.9 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जबकि दूसरी तिमाही में यह 6.8 से 7 प्रतिशत के बीच रह सकती है। तीसरी तिमाही के लिए भी 6.7 प्रतिशत की ग्रोथ का अनुमान जताया गया है। आरबीआई की MPC बैठक में दिए गए प्रोजेक्शन के मुताबिक, FY27 के शुरुआती दो क्वार्टर में इकोनॉमी 6.9 से 7 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ेगी।
वित्त वर्ष 27 के लिए महंगाई का अनुमान
इसके साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए खुदरा महंगाई 2-6 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान लगाया है। वहीं, पूरे वित्त वर्ष 2027 के लिए औसत सीपीआई महंगाई दर 4.6 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। RBI के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में महंगाई 4 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में यह बढ़कर 4.4 प्रतिशत हो सकती है। वहीं, तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में महंगाई दर 5.2 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जबकि चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में यह 4.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है।