Saraswati Mata Ki Aarti: ओम जय सरस्वती माता मैया जय सरस्वती माता, यहां पढ़ें सरस्वती मां की आरती और सरस्वती ध्यान मंत्र

सरस्वती पूजा पर मां सरस्वती की आरती और मंत्रों का विशेष महत्व है। मां को विद्या, बुद्धि और कला की देवी माना जाता है। आरती और मंत्र जाप से मन शांत होता है और ज्ञान, एकाग्रता व सकारात्मक ऊर्जा का आशीर्वाद मिलता है। सरस्वती माता की आरती और मंत्र पूजा को पूर्णता देते हैं।

Manali Rastogi
पब्लिश्ड23 Jan 2026, 09:35 AM IST
ओम जय सरस्वती माता मैया जय सरस्वती माता, यहां पढ़ें सरस्वती मां की आरती और सरस्वती ध्यान मंत्र
ओम जय सरस्वती माता मैया जय सरस्वती माता, यहां पढ़ें सरस्वती मां की आरती और सरस्वती ध्यान मंत्र

सरस्वती पूजा के पावन अवसर पर मां सरस्वती की आरती और मंत्रों का विशेष महत्व होता है। मां सरस्वती को विद्या, बुद्धि, संगीत और कला की देवी माना जाता है। पूजा के समय आरती करने से मन को शांति मिलती है और वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है।

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वहीं मंत्रों का जाप एकाग्रता बढ़ाता है और ज्ञान प्राप्ति में सहायक माना जाता है। छात्र, शिक्षक, कलाकार और विद्या से जुड़े सभी लोग मां सरस्वती की आरती और मंत्रों के माध्यम से उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। यह पूजा हमें सीखने, सोचने और रचनात्मक बनने की प्रेरणा देती है।

सरस्वती माता की आरती ( Saraswati Mata Ki Aarti Lyrics in Hindi)

ओम जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता।

सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥

चंद्रवदनी पद्मासिनी, धृति मंगलकारी।

सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी॥ जय…

बाएँ कर में वीणा धरे, दाएँ कर माला।

शीश मुकुट मणि सोहे, गले मोतियन माला॥ जय…

देवी शरण जो आए, उनका उद्धार किया।

पैठी मंथरा दासी, रावण संहार किया॥ जय…

विद्या दायिनी ज्ञान प्रदान कर, ज्ञान का दीप जलाओ।

भ्रम, अज्ञान और अंधकार, जग से दूर भगाओ॥ जय…

धूप, दीप, फल-मेवा, मां स्वीकार करो।

ज्ञान चक्षु दे माता, जग का उद्धार करो॥ जय…

मां सरस्वती की आरती, जो कोई जन गावे।

सुख, समृद्धि, विद्या, भक्ति सहज पावे॥ जय…

जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता।

सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥

सरस्वती ध्यान मंत्र (Saraswati Dhyana Mantra)

या कुन्देन्दु तुषार हार धवला, या शुभ्र वस्त्रावृता।

या वीणा वरदण्ड मंडित करा, या श्वेत पद्मासना॥

जो देवी कुंद के फूल, चंद्रमा और हिम के समान श्वेत हैं,

जो श्वेत वस्त्र धारण करती हैं,

जिनके हाथों में वीणा और वर मुद्रा सुशोभित है,

और जो श्वेत कमल पर विराजमान हैं।

या ब्रह्माच्युत शंकर प्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।

सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेष जाड्यापहा॥

जिनकी सदा ब्रह्मा, विष्णु (अच्युत), शंकर और अन्य देवगण वंदना करते हैं,

वे भगवती मां सरस्वती मेरी रक्षा करें,

और मेरी समस्त अज्ञानता व भ्रम का नाश करें।

सरस्वती पूजा में मां सरस्वती की आरती और मंत्र केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और मानसिक विकास का माध्यम हैं। नियमित रूप से आरती और मंत्रों का पाठ करने से मन शांत रहता है और नकारात्मक विचार दूर होते हैं।

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यह पूजा हमें ज्ञान का सम्मान करना सिखाती है और सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। सरस्वती माता का आशीर्वाद जीवन में विवेक, समझ और सफलता लाता है। बसंत पंचमी के दिन श्रद्धा और भक्ति से की गई आरती और मंत्र जाप से जीवन में सकारात्मक बदलाव और नई ऊर्जा का संचार होता है।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)

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