कब्ज को हल्के में लेंगे तो जा सकती है जान, डॉक्टर ने बुजुर्ग को मरते-मरते बचाया

Chronic constipation health risks: बेंगलुरु में पुरानी कब्ज से जूझ रहे एक बुजुर्ग की आंत मुड़ने से जान पर बन आई। मेडिकवर अस्पताल के डॉक्टरों ने रोबोटिक सर्जरी की मदद से इस जटिल स्थिति का सफल इलाज कर उन्हें नया जीवन दिया।

Naveen Kumar Pandey
अपडेटेड25 Dec 2025, 02:09 PM IST
गंभीर हो गई कब्ज की समस्या तो हो जाएं सचेत (सांकेतिक तस्वीर)
गंभीर हो गई कब्ज की समस्या तो हो जाएं सचेत (सांकेतिक तस्वीर)

What is sigmoid volvulus: देश में गंभीर कब्ज एक आम समस्या है, लेकिन यह कितनी खतरनाक हो सकती है इसका उदाहरण बेंगलुरु में देखने को मिला। 65 साल के श्री गुरु प्रसाद लंबे समय से पेट फूलने और कब्ज से परेशान थे। अचानक पेट में तेज दर्द और सूजन होने पर उन्हें बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड स्थित मेडिकवर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच में पाया कि उनकी स्थिति काफी गंभीर थी और उन्हें तुरंत इलाज की जरूरत थी।

क्या है सिग्मॉइड वॉल्वुलस का खतरा?

अस्पताल में विशेषज्ञों ने बताया कि गुरु प्रसाद 'सिग्मॉइड वॉल्वुलस' नाम की बीमारी से पीड़ित थे। इस स्थिति में बड़ी आंत खुद ही मुड़ जाती है। इससे आंतों में खून की सप्लाई रुक जाती है और आंत के सड़ने (गैंग्रीन) का खतरा पैदा हो जाता है। भारत में आंतों की रुकावट के करीब 5 से 8 प्रतिशत मामले इसी वजह से होते हैं। अगर इसका इलाज तुरंत न किया जाए, तो यह शरीर में जहर फैलने (सेप्सिस) और मौत का कारण भी बन सकता है।

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हार्ट सर्जरी के कारण बढ़ा जोखिम

यह केस डॉक्टरों के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण था। मरीज की महज तीन महीने पहले ही हार्ट सर्जरी हुई थी। वे खून पतला करने वाली दवाएं ले रहे थे। ऐसी स्थिति में पारंपरिक सर्जरी करना बहुत जोखिम भरा था क्योंकि इससे शरीर के अंदर ब्लीडिंग होने का काफी खतरा था। मरीज की हृदय की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने एक मल्टी-डिस्पिलिनरी टीम बनाई ताकि सर्जरी के दौरान कोई चूक न हो।

रोबोटिक तकनीक से मिली कामयाबी

डॉ. कौशिक सुब्रमण्यम के नेतृत्व वाली टीम ने सबसे पहले कोलोनोस्कोपिक प्रोसेस के जरिए मुड़ी हुई आंत को सीधा किया। इसके बाद मरीज की स्थिति स्थिर होते ही 'रोबोटिक सिग्मॉइडेक्टोमी' की गई। रोबोटिक सर्जरी की मदद से प्रभावित आंत को बहुत सटीकता के साथ बाहर निकाल दिया गया। इस आधुनिक तकनीक की वजह से ब्लीडिंग बहुत कम हुई और मरीज बहुत जल्दी रिकवर हो गए।

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कब्ज को न करें नजरअंदाज

यह मामला बुजुर्गों में पुरानी कब्ज के छिपे हुए खतरों को उजागर करता है। खासकर उन लोगों के लिए जो ज्यादा चलते-फिरते नहीं हैं, कब्ज एक गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है। डॉक्टरों के अनुसार, आधुनिक रोबोटिक सर्जरी और टीम वर्क की वजह से आज जटिल से जटिल मामलों में भी जान बचाना संभव हो गया है।

Disclaimer: यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। स्वास्थ्य संबंधी कोई भी निर्णय प्रमाणित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सुझाव के आधार पर ही लें। आपके किसी भी कार्य या निर्णय के लिए मिंट हिंदी तनिक भी उत्तरदायी नहीं है।

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