रूस ने दुनिया के सबसे पॉपुलर मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप (WhatsApp) पर पाबंदी लगा दी है। रूसी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी कंपनी Meta का व्हाट्सएप रूसी कानूनों का उल्लंघन कर रहा है, इसलिए उसे पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया है। रूस ने अब अपने नागरिकों से MAX नाम के देसी ऐप का इस्तेमाल करने के लिए कहा है। इससे पहले, मेटा कंपनी के स्वामित्व वाले WhatsApp ने कहा था कि रूसी अधिकारियों ने ऐप के एक्सेस को सीमित करने की कोशिश की है।
यह बयान उस समय आया जब टेलीग्राम के फाउंडर पावेल दुरोव ने भी मॉस्को पर अपने प्लेटफॉर्म की पहुंच रोकने का आरोप लगाया था। रूसी प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मेटा ने कानून का पालन नहीं किया, इसलिए प्रतिबंध लागू किया गया है। उन्होंने लोगों से स्थानीय प्लेटफॉर्म MAX का इस्तेमाल करने की अपील की है। रूसी प्रवक्ता का कहना है कि MAX प्लेटफॉर्म एक राष्ट्रीय मैसेंजर है, इसलिए यह नागरिकों के लिए बेहतर विकल्प है।
व्हाट्सएप ने क्या कहा है?
रूस के इस कदम पर व्हाट्सएप ने बयान जारी करके तीखी प्रतिक्रिया दी है। कंपनी ने आरोप लगाया कि रूसी सरकार अपने नागरिकों को सरकारी सर्विलांस ऐप का इस्तेमाल करने पर मजबूर कर रही है। सरकार व्हाट्सएप के 10 करोड़ से अधिक रूसी यूजर्स को एंड-टु-एंड सिक्योर कम्युनिकेशन से वंचित करके कम सुरक्षित विकल्प की तरफ धकेल रही है। लोगों को कनेक्टेड रखने के लिए हमसे जो हो पाएगा, हम करते रहेंगे।
रूस की ओर से यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका रूस पर लगातार दबाव बढ़ा रहा है। वहीं रूस अपने ‘संप्रभु कम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर’ को विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। व्हाट्सऐप पर लगाया गया बैन भी इसी क्रम का हिस्सा माना जा रहा है। रूस लगातार विदेशी टेक कंपनियों पर दबाव बना रहा है कि वे मॉस्को के कानूनों का पालन करें।
क्या है रूसी सुपर ऐप MAX?
स्वदेशी सुपर ऐप
मैक्स को रूस ने 2025 में आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया था। यह एक स्वदेशी मैसेजिंग ऐप है। इसे सिर्फ चैटिंग के लिए ही नहीं बल्कि सुपर ऐप की तरह डिजाइन किया गया है।
ऑल-इन-वन
मैक्स को चीन के WeChat की तर्ज पर बनाया गया है। इसमें मैसेजिंग के अलावा कॉल, सोशल मीडिया, डिजिटल आईडी और इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर जैसी सुविधाएं एक ही जगह मिलती हैं।
सरकारी सेवाओं से लिंक
मैक्स ऐप के जरिए रूस के नागरिक गोसुस्लुगी (Gosuslugi) जैसी सरकारी सेवाओं का फायदा उठा सकते हैं।
अनिवार्य इंस्टॉलेशन
सितंबर 2025 से रूस में बिकने वाले सभी नए स्मार्टफोन में मैक्स को प्री-इंस्टॉल करना अनिवार्य किया जा चुका है।